‘हम कर्जा लेकर गोहुम बोलिअइ र हो, अब कोन उपाए होतइ हो। बाप रे बाप। सब गोहुम सूत रहलइ हो। अब कहां से पइसा देबई हो। (मैंने कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी। अब कौन उपाय होगा, सारी फसल गिर रही है। कहां से पैसा देंगे।)’ गेहूं के खेत में लोट रहे इस किसान का नाम विक्रम सिंह है। बेगूसराय के छौड़ाही के ऐकम्बा पंचायत के रहने वाले हैं। विक्रम ने कर्ज लेकर गेहूं की खेती की। आंधी-बारिश से उनकी फसल गिर गई। गेहूं के दाने पके नहीं थे। भारी नुकसान से बेहाल विक्रम अपनी खेत में बेतहासा चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे। जमीन पर लोट रहे थे। उनके हाथ में वह हंसुआ था, जिससे गेहूं की फसल काटते, लेकिन सामने मौजूद लोगों को खौफ था कि खुद को ही न काट लें। यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बिहार के लाखों परिवार का है, जिनकी गेहूं, मक्का, सरसों, लीची और आम की फसल बर्बाद हुई है। बेमौसम बारिश के चलते बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। मौसम विज्ञान विभाग ने 26 से 28 मार्च तक कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। बिहार में हुई बेमौसम बारिश से किसानों का कितना नुकसान हुआ है? 28 मार्च तक आंधी-बारिश का क्या पूर्वानुमान है? अररिया, बेगूसराय से औरंगाबाद तक, 7 जिलों में फसलों की कितनी बर्बादी हुई? पढ़िए रिपोर्ट…। बेमौसम बारिश के चलते रबी की फसलों को 30% नुकसान बिहार में शुक्रवार रात और शनिवार को हुई बेमौसम बारिश के चलते अररिया, खगड़िया, बेगूसराय समेत कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। कई जिलों में हुई 10 से 20 मिमी की बारिश से खेतों में पानी भर गया। उत्तर और पूर्व बिहार में ज्यादा बारिश हुई है। आंधी-बारिश ने गेहूं और मक्के की फसल को बर्बाद कर दिया है। पौधे जमीन पर गिर गए। गेहूं की फसल तैयार है। जिन खेतों में गेहूं के दाने भरे नहीं और गिर गए, उनमें ज्यादा नुकसान हुआ है। जिन खेतों में गेहूं के दाने पक गए हैं, उनमें कम नुकसान हुआ है। फसल काटने में परेशानी बढ़ गई है। वहीं, मक्के की फसल गिर गई है। मक्के के पौधे के गिरने के बाद उसमें दाने न के बराबर आते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंधी-बारिश से बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। ये वक्त आम और लीची के पेड़ों पर आए मंजर से टिकोले (छोटे-छोटे फल) निकलने का है। आंधी के चलते मंजर गिर गए हैं। इसके चलते 50% तक नुकसान का अनुमान है। अब जानिए, आंधी-बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित 7 जिलों में कितना नुकसान हुआ 1- अररिया: हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद अररिया में आंधी, बारिश और ओला गिरने से भारी तबाही हुई है। कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार जिले में हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सोशल मीडिया पर किसानों के रोने-बिलखने के वीडियो वायरल हुए हैं। कई किसान खेत में बेहोश हो गए। नरपतगंज की एक महिला किसान का वीडियो चर्चा में है। वह अपने मक्के के खेत में बैठकर रोते हुए नुकसान बता रही हैं। पलासी निवासी किसान उपेंद्र सरदार ने बताया, ‘मैंने कर्ज लेकर मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई।’ किसान नारायण पासवान ने कहा, ‘मैंने तीन बीघा में मक्का और एक एकड़ में गेहूं लगाया था। सब बर्बाद हो गया। खेती से ही मेरा घर चलता है। अब समझ नहीं आ रहा कि कैसे परिवार का पेट भरेगा।’ 2- खगड़िया: फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू खगड़िया में शुक्रवार देर रात तेज आंधी आई और बारिश भी हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई। आम और लीची के मंजर झड़ गए। जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) अविनाश कुमार ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इसके आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। किसान अभिलाष चौधरी ने कहा, ‘मैंने कर्ज लेकर 2 बीघा में मक्का की खेती की थी। अभी फूल आना शुरू ही हुआ था कि सारे पौधे गिर गए। सब खत्म हो गया।’ मुरारी चौधरी ने कहा, ‘मैंने 3 बीघा में मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई। गेहूं की फसल बची है। अभी तक उसे नुकसान नहीं पहुंचा है।’ रविभूषण चौधरी ने कहा, ‘मैंने 10 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। 20 हजार रुपए लगे थे। पूरी फसल खत्म हो गई। गेहूं-केला की फसल भी बर्बाद हो गई।’ 3- बेगूसराय: 60% गेहूं और 30% मक्का फसल बर्बाद कृषि विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय में गेहूं की फसल को औसतन 50 से 65 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। मक्का की करीब 25 से 30 प्रतिशत फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कारी सिंह, ताराकांत सिंह, सुधीर सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी। अब पूंजी निकलना भी मुश्किल हो गया है। बछवाड़ा प्रखंड में करीब तीन हजार एकड़ में लगी गेहूं की फसल में से लगभग 65 प्रतिशत जमीन पर गिर गई है। दानों में नमी आने से गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। 5500 एकड़ में लगी मक्का की खेती का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है। वीरपुर में 820 हेक्टेयर में मक्का और 1830 हेक्टेयर में लगे गेंहू की फसल को तेज हवा और बारिश से नुकसान हुआ है। जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि बेगूसराय जिला में गेहूं, मक्का, सरसों इत्यादि फसल की क्षति होने की सूचना मिली है। हमने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। 4- दरभंगा: जमीन पर बिछ गई गेहूं की फसल पघारी के किसान धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मसूर, चना, सरसों, राई, आम, लीची और मक्का की फसल भी खराब हो गई है। किसान बद्रीनारायण चौधरी ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी। खेतों में जलजमाव होने से हालात और खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम से शुरू हुए आंधी-तूफान के साथ मटर के दाने के आकार के ओले गिरे। इससे गेहूं और दलहन की फसल पूरी तरह जमींदोज हो गई। 5- समस्तीपुर: किसान बोले- कर्ज लेकर खेती की, सब तबाह हो गया समस्तीपुर जिले में 29.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 35 हजार हेक्टेयर में मक्के की फसल थी। जिलाकृषि पदाधिकारी सुमित सौरभ ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से फसल को क्षति हुई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि बारिश और ओला गिरने से मक्का, गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खानपुर के किसान मणिकांत चौधरी ने कहा, ‘मैंने कर्ज लेकर खेती की थी। काफी मेहनत की थी। सब पर पानी फिर गया। धान की फसल में भी कटनी के समय बारिश हो गई थी। इससे सारा धान डूब गया था। इस बार मक्का व गेहूं की फसल अच्छी थी, लेकिन सब खत्म हो गया।’ केवश निजामत गांव के किसान सत्यनारायण सिंह ने कहा, ‘मैंने एक एकड़ में गेहूं और 15 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। अच्छी फसल हुई थी। देख कर लग रहा था कि इस बार अच्छी आमदनी भी होगी। गेहूं बेचने के बाद भी खुद खाने के लिए गेहूं बच जाएगा। आंधी-पानी ने सब खत्म कर दिया। सुबह खेत पहुंचा तो वहीं सिर पकड़ कर बैठ गया।’ 6- औरंगाबाद: स्ट्रॉबेरी की फसल बर्बाद हो गई बारिश के चलते गेहू, सरसों, स्ट्रॉबेरी, सब्जी और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। चिल्हकी गांव के स्ट्रॉबेरी उत्पादक वृज किशोर मेहता ने बताया कि तेज हवा के झोंकों और खेतों में जलजमाव के कारण स्ट्रॉबेरी के नाजुक पौधे खराब हो गए हैं। सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है।’ उन्होंने कहा, ‘खीरा, ककड़ी और कद्दू जैसी फसलों में अभी फल आना शुरू ही हुआ था। अचानक मौसम बदलने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया।’ कई किसानों ने गेहूं और सरसों की फसल काटकर खलिहान में रखी थी। वे भी भीगकर खराब हो गई हैं। ढुडा गांव के किसान राम स्वरूप पांडेय, दधपा के शिवकुमार सिंह, अजीत पांडेय और सुदर्शन पांडेय ने बताया कि इस समय बारिश होने से तैयार फसलों के दाने काले पड़ जाते हैं। इससे बाजार में कीमत नहीं मिलती। तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। 7- मधेपुरा: बर्बाद फसल देख, खेत में बेहोश हुआ किसान मधेपुरा में बारिश और आंधी ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आलमनगर में रहने वाले वीआईपी के पूर्व प्रत्याशी इंजीनियर नवीन निषाद ने बताया कि पहले बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के लिए यह दोहरी आपदा साबित हुई है। कई पीड़ित परिवारों को अब तक बाढ़ का मुआवजा भी नहीं मिला है। उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है। जिले के ईटहरी पंचायत में भी भारी तबाही हुई है। किसान लड्डू मंडल बारिश के बाद अपने खेत में गए तो मक्के की तबाह फसल देखकर बेहोश हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया, होश में लाने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार जमीन पर गिर जा रहे थे। 26 से 28 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग ने 26, 27 और 28 मार्च के लिए आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी और दक्षिण मध्य बिहार में 26 मार्च को 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है। 27 मार्च को बिहार के सभी भाग के एक या दो स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। 28 मार्च को उत्तरी, दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। 23-28 मार्च तक कहां हो सकती है बारिश? ‘हम कर्जा लेकर गोहुम बोलिअइ र हो, अब कोन उपाए होतइ हो। बाप रे बाप। सब गोहुम सूत रहलइ हो। अब कहां से पइसा देबई हो। (मैंने कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी। अब कौन उपाय होगा, सारी फसल गिर रही है। कहां से पैसा देंगे।)’ गेहूं के खेत में लोट रहे इस किसान का नाम विक्रम सिंह है। बेगूसराय के छौड़ाही के ऐकम्बा पंचायत के रहने वाले हैं। विक्रम ने कर्ज लेकर गेहूं की खेती की। आंधी-बारिश से उनकी फसल गिर गई। गेहूं के दाने पके नहीं थे। भारी नुकसान से बेहाल विक्रम अपनी खेत में बेतहासा चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे। जमीन पर लोट रहे थे। उनके हाथ में वह हंसुआ था, जिससे गेहूं की फसल काटते, लेकिन सामने मौजूद लोगों को खौफ था कि खुद को ही न काट लें। यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बिहार के लाखों परिवार का है, जिनकी गेहूं, मक्का, सरसों, लीची और आम की फसल बर्बाद हुई है। बेमौसम बारिश के चलते बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। मौसम विज्ञान विभाग ने 26 से 28 मार्च तक कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। बिहार में हुई बेमौसम बारिश से किसानों का कितना नुकसान हुआ है? 28 मार्च तक आंधी-बारिश का क्या पूर्वानुमान है? अररिया, बेगूसराय से औरंगाबाद तक, 7 जिलों में फसलों की कितनी बर्बादी हुई? पढ़िए रिपोर्ट…। बेमौसम बारिश के चलते रबी की फसलों को 30% नुकसान बिहार में शुक्रवार रात और शनिवार को हुई बेमौसम बारिश के चलते अररिया, खगड़िया, बेगूसराय समेत कई जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। कई जिलों में हुई 10 से 20 मिमी की बारिश से खेतों में पानी भर गया। उत्तर और पूर्व बिहार में ज्यादा बारिश हुई है। आंधी-बारिश ने गेहूं और मक्के की फसल को बर्बाद कर दिया है। पौधे जमीन पर गिर गए। गेहूं की फसल तैयार है। जिन खेतों में गेहूं के दाने भरे नहीं और गिर गए, उनमें ज्यादा नुकसान हुआ है। जिन खेतों में गेहूं के दाने पक गए हैं, उनमें कम नुकसान हुआ है। फसल काटने में परेशानी बढ़ गई है। वहीं, मक्के की फसल गिर गई है। मक्के के पौधे के गिरने के बाद उसमें दाने न के बराबर आते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंधी-बारिश से बिहार में रबी की फसलों को 30% तक नुकसान पहुंचा है। ये वक्त आम और लीची के पेड़ों पर आए मंजर से टिकोले (छोटे-छोटे फल) निकलने का है। आंधी के चलते मंजर गिर गए हैं। इसके चलते 50% तक नुकसान का अनुमान है। अब जानिए, आंधी-बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित 7 जिलों में कितना नुकसान हुआ 1- अररिया: हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद अररिया में आंधी, बारिश और ओला गिरने से भारी तबाही हुई है। कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार जिले में हजारों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सोशल मीडिया पर किसानों के रोने-बिलखने के वीडियो वायरल हुए हैं। कई किसान खेत में बेहोश हो गए। नरपतगंज की एक महिला किसान का वीडियो चर्चा में है। वह अपने मक्के के खेत में बैठकर रोते हुए नुकसान बता रही हैं। पलासी निवासी किसान उपेंद्र सरदार ने बताया, ‘मैंने कर्ज लेकर मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई।’ किसान नारायण पासवान ने कहा, ‘मैंने तीन बीघा में मक्का और एक एकड़ में गेहूं लगाया था। सब बर्बाद हो गया। खेती से ही मेरा घर चलता है। अब समझ नहीं आ रहा कि कैसे परिवार का पेट भरेगा।’ 2- खगड़िया: फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू खगड़िया में शुक्रवार देर रात तेज आंधी आई और बारिश भी हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई। आम और लीची के मंजर झड़ गए। जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) अविनाश कुमार ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। इसके आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। किसान अभिलाष चौधरी ने कहा, ‘मैंने कर्ज लेकर 2 बीघा में मक्का की खेती की थी। अभी फूल आना शुरू ही हुआ था कि सारे पौधे गिर गए। सब खत्म हो गया।’ मुरारी चौधरी ने कहा, ‘मैंने 3 बीघा में मक्का की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई। गेहूं की फसल बची है। अभी तक उसे नुकसान नहीं पहुंचा है।’ रविभूषण चौधरी ने कहा, ‘मैंने 10 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। 20 हजार रुपए लगे थे। पूरी फसल खत्म हो गई। गेहूं-केला की फसल भी बर्बाद हो गई।’ 3- बेगूसराय: 60% गेहूं और 30% मक्का फसल बर्बाद कृषि विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय में गेहूं की फसल को औसतन 50 से 65 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। मक्का की करीब 25 से 30 प्रतिशत फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कारी सिंह, ताराकांत सिंह, सुधीर सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी। अब पूंजी निकलना भी मुश्किल हो गया है। बछवाड़ा प्रखंड में करीब तीन हजार एकड़ में लगी गेहूं की फसल में से लगभग 65 प्रतिशत जमीन पर गिर गई है। दानों में नमी आने से गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। 5500 एकड़ में लगी मक्का की खेती का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है। वीरपुर में 820 हेक्टेयर में मक्का और 1830 हेक्टेयर में लगे गेंहू की फसल को तेज हवा और बारिश से नुकसान हुआ है। जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि बेगूसराय जिला में गेहूं, मक्का, सरसों इत्यादि फसल की क्षति होने की सूचना मिली है। हमने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। 4- दरभंगा: जमीन पर बिछ गई गेहूं की फसल पघारी के किसान धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मसूर, चना, सरसों, राई, आम, लीची और मक्का की फसल भी खराब हो गई है। किसान बद्रीनारायण चौधरी ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी। खेतों में जलजमाव होने से हालात और खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम से शुरू हुए आंधी-तूफान के साथ मटर के दाने के आकार के ओले गिरे। इससे गेहूं और दलहन की फसल पूरी तरह जमींदोज हो गई। 5- समस्तीपुर: किसान बोले- कर्ज लेकर खेती की, सब तबाह हो गया समस्तीपुर जिले में 29.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 35 हजार हेक्टेयर में मक्के की फसल थी। जिलाकृषि पदाधिकारी सुमित सौरभ ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से फसल को क्षति हुई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि बारिश और ओला गिरने से मक्का, गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। खानपुर के किसान मणिकांत चौधरी ने कहा, ‘मैंने कर्ज लेकर खेती की थी। काफी मेहनत की थी। सब पर पानी फिर गया। धान की फसल में भी कटनी के समय बारिश हो गई थी। इससे सारा धान डूब गया था। इस बार मक्का व गेहूं की फसल अच्छी थी, लेकिन सब खत्म हो गया।’ केवश निजामत गांव के किसान सत्यनारायण सिंह ने कहा, ‘मैंने एक एकड़ में गेहूं और 15 कट्ठा में मक्का की खेती की थी। अच्छी फसल हुई थी। देख कर लग रहा था कि इस बार अच्छी आमदनी भी होगी। गेहूं बेचने के बाद भी खुद खाने के लिए गेहूं बच जाएगा। आंधी-पानी ने सब खत्म कर दिया। सुबह खेत पहुंचा तो वहीं सिर पकड़ कर बैठ गया।’ 6- औरंगाबाद: स्ट्रॉबेरी की फसल बर्बाद हो गई बारिश के चलते गेहू, सरसों, स्ट्रॉबेरी, सब्जी और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। चिल्हकी गांव के स्ट्रॉबेरी उत्पादक वृज किशोर मेहता ने बताया कि तेज हवा के झोंकों और खेतों में जलजमाव के कारण स्ट्रॉबेरी के नाजुक पौधे खराब हो गए हैं। सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है।’ उन्होंने कहा, ‘खीरा, ककड़ी और कद्दू जैसी फसलों में अभी फल आना शुरू ही हुआ था। अचानक मौसम बदलने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया।’ कई किसानों ने गेहूं और सरसों की फसल काटकर खलिहान में रखी थी। वे भी भीगकर खराब हो गई हैं। ढुडा गांव के किसान राम स्वरूप पांडेय, दधपा के शिवकुमार सिंह, अजीत पांडेय और सुदर्शन पांडेय ने बताया कि इस समय बारिश होने से तैयार फसलों के दाने काले पड़ जाते हैं। इससे बाजार में कीमत नहीं मिलती। तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। 7- मधेपुरा: बर्बाद फसल देख, खेत में बेहोश हुआ किसान मधेपुरा में बारिश और आंधी ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आलमनगर में रहने वाले वीआईपी के पूर्व प्रत्याशी इंजीनियर नवीन निषाद ने बताया कि पहले बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के लिए यह दोहरी आपदा साबित हुई है। कई पीड़ित परिवारों को अब तक बाढ़ का मुआवजा भी नहीं मिला है। उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है। जिले के ईटहरी पंचायत में भी भारी तबाही हुई है। किसान लड्डू मंडल बारिश के बाद अपने खेत में गए तो मक्के की तबाह फसल देखकर बेहोश हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया, होश में लाने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार जमीन पर गिर जा रहे थे। 26 से 28 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग ने 26, 27 और 28 मार्च के लिए आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी और दक्षिण मध्य बिहार में 26 मार्च को 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है। 27 मार्च को बिहार के सभी भाग के एक या दो स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवा चल सकती है। 28 मार्च को उत्तरी, दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। 23-28 मार्च तक कहां हो सकती है बारिश?


