H-1B वीजा के नियम बदले: अब सैलरी तय करेगी किसे मिलेगा अमेरिका का टिकट

H-1B वीजा के नियम बदले: अब सैलरी तय करेगी किसे मिलेगा अमेरिका का टिकट

H-1B New Rules: अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म आई-129 का नया वर्जन जारी किया है। यह 1 अप्रैल से लागू होगा। पुराने फॉर्म से बड़ी टेक कंपनियां अब आवेदन फाइल नहीं कर सकेंगी। इसके साथ ही लॉटरी सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब रैंडम लॉटरी नहीं होगी, बल्कि नौकरी के वेतन स्तर के आधार पर उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में अलग-अलग मौके मिलेंगे। जितनी बड़ी जॉब होगी और वेतन होगा, उतनी ही ज्यादा बार उम्मीदवार का नाम चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

नए नियम के तहत वीजा आवेदकों को चार वेतन स्तरों में बांटा जाएगा। एंट्री-लेवल यानी लेवल-1 पदों के लिए आवेदन करने वालों को लॉटरी में केवल एक मौका मिलेगा, जबकि लेवल-2 के लिए दो, लेवल-3 के लिए तीन और सबसे ऊंचे लेवल-4 पदों के लिए चार मौके मिलेंगे। लेवल-4 आमतौर पर ऐसे पद होते हैं जिनमें अधिक अनुभव और कई बार सुपरवाइजरी जिम्मेदारी भी शामिल होती है।

कंपनियों को देनी होगी ज्यादा जानकारी

नए फॉर्म आई-129 में कंपनियों को नौकरी से जुड़ी ज्यादा जानकारी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि उस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है, किस विषय की डिग्री जरूरी है, क्या पहले का कार्य अनुभव चाहिए और क्या उस पद पर किसी तरह की सुपरवाइजरी जिम्मेदारी होगी।

जांच होगी कड़ी

नए नियम के तहत एच-1बी आवेदन में अब दो अलग-अलग वेतन स्तर भी दिखाई देंगे। पहला वह जो लेबर कंडीशन एप्लिकेशन में दर्ज होगा और दूसरा वह जो रजिस्ट्रेशन के समय चुना गया था। इन दोनों आंकड़ों की तुलना करके इमिग्रेशन एजेंसी यह जांच सकेगा कि कहीं जानकारी में गलती तो नहीं है। अगर किसी कंपनी ने रजिस्ट्रेशन के समय ऊंचा वेतन स्तर दिखाया लेकिन नौकरी की शर्तें कम स्तर की हों, तो आवेदन की जांच होगी।

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