- पुलिस लाइन में 15 से अधिक पुराने वाहनों को किया जा रहा स्क्रैप
जिले में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की पहचान कर उन्हें स्क्रैप करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत पुलिस विभाग ने पहल करते हुए अपने बेड़े में शामिल पुराने और जर्जर वाहनों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के पास 20 से 22 साल पुराने वाहन हैं। इस तरह के वाहन न केवल रखरखाव में महंगे साबित हो रहे थे, बल्कि इनके उपयोग से प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ रहे थे।
13 वाहनों को स्क्रैप किया जा रहा
इसी को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में 13 वाहनों को स्क्रैप करने के लिए चिन्हित किया गया, जिसमें ट्रक, पानी के टेंकर, 407 वाहन, वज्र, एंबुलेंस सहित अन्य वाहन हैं। इन सभी वाहनों स्क्रैप करने का काम ग्वालियर के एक ठेकेदार ने लिया है। पुलिस लाइन में ही ठेकेदार के कर्मचारी गैस कटर से वाहनों को स्क्रैप कर रहे हैं। यहां एक साथ पांच कर्मचारियों को लगाया गया है।
जिप्सी कार अब इतिहास बनकर रह जाएगी
पुलिस को मिली जिप्सी कार का इतिहास वर्षों पुराना है। 22 साल से जिप्सी पुलिस वाहन बेड़े की शोभा बनी रही। मंत्री व विशेष अवसर पर पायलेटिंग के लिए जिप्सी ही सबसे आगे हुआ करती थी। 15 वर्ष होने के बाद भी इस जिप्सी को उपयोग में लिया जाता रहा। आखरी समय में ट्रैफिक पुलिस थाने में जिप्सी का उपयोग हुआ। यहां से हटने के बाद उसे कबाड़ में खड़ा कर दिया था, यह इसलिए की मरम्मत व रख रखाव में ही अधिक खर्चा होने लगा था, वहीं पार्टस भी नहीं मिल पा रहे थे।
ट्रक, वज्र वाहन थे अच्छी कंडिशन में
पुलिस के पास ट्रक व वज्र वाहन का समय-समय पर ही उपयोग होता है। किसी आपात िस्थति में वज्र वाहन को पुलिसकर्मियों को लेकर भेजा जाता था। वहीं ट्रक का उपयोग सामान ढोहने में किया जाता था, इस तरह से इन दोनों वाहनों का बहुत कम उपयोग हो पाया। वहीं दूसरी तरफ रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर यह वाहन 15 साल पुराने तो हो गए लेकिन अभी यह अच्छी हालत में थे, लेकिन विभाग ने इन पर भी कटर चलवा दिया।
– शासन के आदेश पर वाहनों को स्क्रैप करवाया जा रहा है। पुलिस के पास 15 खस्ताहाल वाहन हैं। जिसमें पहले चरण में 13 स्क्रैप करवाया जा रहा है, वहीं दूसरे चरण में 2 वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा। – ज्योति सुर्यवंशी, वाहन शाखा प्रभारी।


