ग्वालियर-भिंड हाईवे चौड़ीकरण आंदोलन पर संत समाज में मतभेद:प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर किया स्थगित; जिलाध्यक्ष बोले- 12 बजे से होगा प्रदर्शन

ग्वालियर-भिंड हाईवे चौड़ीकरण आंदोलन पर संत समाज में मतभेद:प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर किया स्थगित; जिलाध्यक्ष बोले- 12 बजे से होगा प्रदर्शन

ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण को लेकर सोमवार दोपहर 12 बजे मालनपुर के बरैठा टोल प्लाजा पर प्रस्तावित ‘नो रोड टोल’ आंदोलन से पहले संत समाज दो धड़ों में बंट गया है। वर्तमान में संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर आंदोलन स्थगित करने की बात कही है, जबकि जिलाध्यक्ष ने तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने टोल पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष बोले- राजनीतिक घुसपैठ हुई संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामदास महाराज ने एक वीडियो जारी कर सोमवार को होने वाले इस आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि इस आंदोलन में कुछ राजनीतिक लोगों की घुसपैठ हो गई है, जो शासन के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों से चर्चा के बाद जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन मिला है। देर रात 2 बजे जिलाध्यक्ष ने किया खंडन प्रदेश अध्यक्ष के वीडियो के बाद देर रात करीब दो बजे संत समिति के जिला अध्यक्ष कालीदास महाराज ने भी एक अलग वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन किसी भी स्थिति में स्थगित नहीं किया गया है और यह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा। कालीदास महाराज ने कहा कि रविवार शाम करीब सात बजे उनकी रामदास महाराज से बातचीत हुई थी, उस समय आंदोलन स्थगित करने जैसी कोई बात नहीं कही गई थी। 12 बजे से बरैठा टोल पर जुटेंगे लोग संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में सोमवार दोपहर 12 बजे से मालनपुर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर ‘नो रोड टोल’ आंदोलन प्रस्तावित है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में अपने वाहनों के साथ टोल प्लाजा पहुंचकर इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। आंदोलन में संत समाज के अलावा समाजसेवी, सेवानिवृत्त फौजी, कर्मचारी संघ के पदाधिकारी, व्यापारी वर्ग और राजनीतिक दलों के लोग भी शामिल होंगे। लगातार हादसों के कारण पड़ा ‘मौत का हाईवे’ नाम कालीदास महाराज ने कहा कि नेशनल हाईवे-719 की खराब स्थिति के कारण इसे लोग ‘मौत का हाईवे’ कहने लगे हैं। यहां आए दिन सड़क हादसों में लोगों व पशुओं की मौत हो रही है, जिसे लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार आंदोलन जारी है। गडकरी ने दिया था 6 माह का आश्वासन हाईवे चौड़ीकरण का यह प्रस्ताव करीब दो साल से लंबित है। इसे लेकर करीब दस माह पहले संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिला था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में गडकरी ने छह माह में निर्माण काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था। प्रशासन अलर्ट, टोल पर की गई बैरीकेडिंग संत समाज का साफ कहना है कि जब तक हाईवे-719 के चौड़ीकरण की ठोस घोषणा नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। संभावित आंदोलन और संतों के बीच मतभेद की स्थिति को देखते हुए भिंड और मुरैना जिलों का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बरैठा टोल प्लाजा के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर बैरीकेडिंग कर दी गई है और वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।

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