गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की बिक्री 2025 में मूल्य के हिसाब से 80 प्रतिशत बढ़कर 24,120 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से गुरुग्राम ने मुंबई को पीछे छोड़ दिया है। एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।
रियल एस्टेट सलाहकार ‘इंडिया सॉथबीज इंटरनेशनल रियल्टी’ (आईएसआईआर) और डेटा विश्लेषक कंपनी सीआरई मैट्रिक्स द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) स्थित गुरुग्राम ने 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले मकानों की बिक्री के कुल मूल्य के मामले में मुंबई को पीछे छोड़ दिया।
गुरुग्राम ने मकानों की ब्रिकी के कुल मूल्य मामले में मुंबई को पीछे छोड़ा
इस श्रेणी में गुरुग्राम में 24,120 करोड़ रुपये के, जबकि मुंबई में 21,902 करोड़ रुपये के घरों की बिक्री हुई।
आंकड़ों के मुताबिक, गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की बिक्री पिछले कैलेंडर वर्ष में लगभग तीन गुना होकर 1,494 इकाई पर पहुंच गई, जो 2024 में 519 इकाई रही थी।
मूल्य के आधार पर बिक्री 2024 के 13,384 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 24,120 करोड़ रुपये हो गई।
रिपोर्ट कहती है, ‘‘ मुंबई पारंपरिक रूप से देश का सबसे महंगा रियल एस्टेट बाजार रहा है, लेकिन 2025 के दौरान 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की कुल बिक्री के मूल्य के मामले में गुरुग्राम उससे आगे निकल गया।’’
इंडिया सॉथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की निदेशक (एरिया) टीना तलवार ने कहा, ‘‘ खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने प्रतिष्ठित इलाकों तक सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं जिसे बुनियादी ढांचे में सुधार, बेहतर परियोजनाओं की पेशकश और बेहतर संपर्क का समर्थन मिल रहा है।’’
सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो साल में लक्जरी खंड में लगभग 10 गुना वृद्धि से खरीदारों का सतत भरोसा, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च संपदा वाले व्यक्तियों (एचएनआई) की बढ़ती संख्या का संकेत मिलता है।


