गुरुग्राम में रोड सेफ्टी और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ट्रैफिक पुलिस को 100 बॉडी वार्न कैमरे मिले हैं। रूप पॉलिमर्स द्वारा सीएसआर के तहत शुक्रवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन को कैमरे सौंपे। इन बॉडी कैमरों से पारदर्शी तरीके से ट्रैफिककर्मी अपना काम कर सकेंगे और विवादों से बचाव होगा।
इन बॉडी वॉर्न कैमरों में 128 जीबी मेमोरी, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुविधा, 3000 एमएएच की बैटरी है, जो लगभग 10 से 12 घंटे का बैकअप मिलेगी। इसके अलावा 10-15 मीटर तक नाइट विजन, 2 इंच कलर डिस्प्ले तथा आईपी-67 रेटिंग है जो डस्टप्रूफ एवं वाटरप्रूफ जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। तीन मुख्य पॉइंट में बॉडी वॉर्न कैमरों के फायदे…………. पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी: बॉडी कैमरा ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा किए गए हर एक्शन यानि चालान, बातचीत, वाहन रोकना आदि को रिकॉर्ड कर लेता है। इससे गलत आरोप लगाने, रिश्वतखोरी या पक्षपात के आरोपों से पुलिसकर्मी खुद को बचा सकते हैं। साथ ही आम नागरिक भी पुलिस के व्यवहार की शिकायत करते समय ठोस सबूत दे पाएंगे। दोनों तरफ पारदर्शिता बढ़ने से विश्वास मजबूत होगा।
चालान और मुकदमों में सबूत मजबूत होंगे: अगर कोई वाहन चालक चालान का विरोध करता है या कोर्ट में केस लड़ता है, तो बॉडी कैमरे का फुटेज सीधा सबूत बन जाता है। इससे अदालत में पुलिस की बात ज्यादा विश्वसनीय मानी जाएगी। झूठे केस या फर्जी शिकायतों में पुलिस को बचाव करने में आसानी होगी।
पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और अनुशासन बढ़ेगा: कैमरा लगे होने से ट्रैफिक पुलिसकर्मी सतर्क और अनुशासित रहेंगे। साथ ही अगर कोई ड्राइवर या भीड़ पुलिसकर्मी पर हमला करता है या गाली-गलौज करता है, तो उसका वीडियो प्रमाण के रूप में काम आएगा। इससे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा बढ़ेगी और उनके खिलाफ हिंसा की घटनाएं कम होंगी। सभी जोनल अधिकारियों के लिए जरूरी
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि सभी जोनल अधिकारियों द्वारा इन कैमरों का उपयोग अपनी ड्यूटी के दौरान आवश्यक रुप से किया जाएगा। जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, कानून के प्रभावी अनुपालन में मदद मिलेगी तथा आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत किया जा सकेगा। ये रहे मौजूद इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त यातायात मुख्यालय सत्यपाल यादव, तमाम जोनल अधिकारी, रूप पॉलिमर्स के चेयरमैन अनिल जैन, वाइस चेयरमैन हितेश जैन, एसोसिएट डायरेक्टर पलक जैन, एचआर हेड संकल्प पाठक एवं ऑपरेशन हेड मुकेश बिश्नोई मौजूद रहे।


