Gurjant Singh ने लिया संन्यास, दो बार ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम का रहे अहम हिस्सा

Gurjant Singh ने लिया संन्यास, दो बार ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम का रहे अहम हिस्सा

हॉकी वर्ल्ड कप से पहले भारती पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया है। भारत के लिए 2017 में डेब्यू करने वाले 31 वर्षीय गुरजंत ने 130 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 33 गोल दागे हैं। पिछले साल जून में आखिरी बार भारत के लिए खेलने वाले गुरजंत ने दिल्ली में हॉकी इंडिया सालाना पुरस्कारों के दौरान अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस दौरान गुरजंत ने कहा कि, मैंने यहां मौजूद दिग्गजों को देखकर हॉकी खेलना शुरू किया था और उनके साथ भारत के लिए खेलने का मेरा सपना पूरा हुआ जिसे मैं कभी भूल नहीं सकूंगा। मेरा ये सफर बहुत अच्छा रहा और टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद ऐतिहासिक मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में भी उसे प्रदर्शन को दोहराया। मैं बहुत खुशी और गर्व के साथ विदा ले रहा हूं। गुरजंत के नाम सबसे तेज अंतर्राष्ट्रीय गोल दागने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने एफआईएच प्रो लीग 2020 में नीदरलैंड के खिलाफ 13 सेकंड में गोल दागा था। उन्होंने ये भी कहा कि वह घरेलू हॉकी और लीग खेलते रहेंगे, लेकिन कोचिंग के बारे में अभी सोचा नहीं है। गुरजंत ने कहा कि, मैंने पिछले जून के बाद से अंतर्राष्ट्रीय हॉकी नहीं खेली है। इस साल हॉकी इंडिया लीग खेली और आगे भी खेलूंगा, लेकिन कोचिंग को लेकर अभी सोचा नहीं है।  

हॉकी वर्ल्ड कप से पहले भारती पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया है। भारत के लिए 2017 में डेब्यू करने वाले 31 वर्षीय गुरजंत ने 130 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 33 गोल दागे हैं। पिछले साल जून में आखिरी बार भारत के लिए खेलने वाले गुरजंत ने दिल्ली में हॉकी इंडिया सालाना पुरस्कारों के दौरान अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। 
इस दौरान गुरजंत ने कहा कि, मैंने यहां मौजूद दिग्गजों को देखकर हॉकी खेलना शुरू किया था और उनके साथ भारत के लिए खेलने का मेरा सपना पूरा हुआ जिसे मैं कभी भूल नहीं सकूंगा। मेरा ये सफर बहुत अच्छा रहा और टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद ऐतिहासिक मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में भी उसे प्रदर्शन को दोहराया। मैं बहुत खुशी और गर्व के साथ विदा ले रहा हूं। 
गुरजंत के नाम सबसे तेज अंतर्राष्ट्रीय गोल दागने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने एफआईएच प्रो लीग 2020 में नीदरलैंड के खिलाफ 13 सेकंड में गोल दागा था। उन्होंने ये भी कहा कि वह घरेलू हॉकी और लीग खेलते रहेंगे, लेकिन कोचिंग के बारे में अभी सोचा नहीं है। गुरजंत ने कहा कि, मैंने पिछले जून के बाद से अंतर्राष्ट्रीय हॉकी नहीं खेली है। इस साल हॉकी इंडिया लीग खेली और आगे भी खेलूंगा, लेकिन कोचिंग को लेकर अभी सोचा नहीं है। 

​Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *