नेपाल में जनरेशन- Z के विरोध प्रदर्शन के दौरान जेल से फरार हुआ गुजराती युवक, अहमदाबाद से किया गिरफ्तार

नेपाल में जनरेशन- Z के विरोध प्रदर्शन के दौरान जेल से फरार हुआ गुजराती युवक, अहमदाबाद से किया गिरफ्तार

नेपाल की भद्रा जेल से पिछले साल के Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान फरार हुए गुजराती युवक धर्मेश चुनारा को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कागडापीठ इलाके में अपनी सास के घर से पकड़ा गया, जहां वह छिपा हुआ था। यह गिरफ्तारी खुफिया सूचनाओं के आधार पर विशेष अभियान के तहत हुई।

नेपाल में ड्रग केस और जेल से फरार होना

धर्मेश चुनारा (अहमदाबाद के ठक्करबापा नगर रोड निवासी) को जुलाई 2025 में नेपाल में ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह बैंकॉक-नेपाल फ्लाइट TG-319 से बैंकॉक के रास्ते नेपाल पहुंचा था, जहां उसके पास से 13 किलोग्राम हाइब्रिड गांजा बरामद हुआ। इसके बाद उसे काठमांडू की भद्रा जेल में बंद कर दिया गया।

सितंबर 2025 में नेपाल में Gen-Z युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए, जिनमें सोशल मीडिया बैन, राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा शामिल थी। इन प्रदर्शनों के दौरान देशभर की कई जेलों में अराजकता फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने जेलों पर हमला किया, जिससे हजारों कैदी फरार हो गए। भद्रा जेल से भी कई कैदी भाग निकले, जिनमें धर्मेश चुनारा भी शामिल था। नेपाल सरकार ने फरार भारतीय कैदियों की सूची जारी की थी, जिसमें उसका नाम था।

भारत में घुसकर छिपा रहा

जेल से फरार होने के बाद धर्मेश ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर सोनाली सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीधे अहमदाबाद पहुंच गया। वह अपनी सास (जो खुद शराब तस्करी में शामिल बताई जाती है) के घर में छिपा रहा। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने महीनों की खुफिया निगरानी के बाद मंगलवार को उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। नेपाल सरकार से संपर्क कर एक्सट्राडिशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि उसे नेपाल वापस भेजकर मुकदमा चलाया जा सके। क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर शरद सिंघल ने कहा कि यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नेपाल में Gen-Z आंदोलन का बैकग्राउंड

2025 में नेपाल में Gen-Z युवाओं ने सोशल मीडिया बैन, महंगाई और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन किए। इनमें हिंसा हुई, कई मौतें हुईं और जेलों से 15,000 से अधिक कैदी फरार हुए। इस अराजकता का फायदा उठाकर कई अपराधी भाग निकले, जिनमें कुछ भारतीय भी शामिल थे।

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