Ahmedabad. सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार खुद की क्षमता और कमजोरी को पहचाने। उस कमजोरी को पहचान कर उसे दूर करे और अनुशासन में रहकर मैराथन दौड़ की तरह अच्छे से तैयारी करे। दो- तीन साल सफलता नहीं भी मिले तो भी हताश या निराश न हों। उसी लगन से लगे रहें तो सफलता जरूर मिलेगी।
यह बातें सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देश में 19वीं रैंक लाने वाले स्पीपा में अव्वल आए दिशांत निसार ने कहीं। चौथी बार में सफलता प्राप्त करने वाले निसार ने बताया कि बीते साल उन्हें रिजर्व लिस्ट में 77 वां स्थान मिला था, उसके आधार पर उन्हें इंडियन रेलवे सर्विस मिली। उसे जॉ़इन करने के बाद स्टडी लीव लेकर उन्होंने फिर से परीक्षा दी। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी देश में 19वीं रैंक आ जाएगी। पहली बार में तो वे प्रिलिम्स भी पास नहीं कर सके थे, लेकिन उसके बाद के सभी तीनों प्रयास में उन्होंने इंटरव्यू दिए, हालांकि दो बार वे असफल भी हुए। परंतु हिम्मत नहीं हारी। उनके पिता अमृतलाल लेखक हैं। मूलरूप से वे कच्छ जिले की भचाऊ तहसील के आदोई गांव से हैं। पढ़ाई महाराष्ट्र में मुंबई से की है।
पेपर, कोर्स से जुड़े रहें, जो भी पढ़ें अच्छे से पढ़ें: जगलान
इसी परीक्षा में 128 वीं रैंक लाने वाले और चौथे प्रयास में सफल रहे भावेश जगलान ने कहा कि सफलता के लिए जरूरी है कि समाचार पत्र (पेपर) और अपने कोर्स से जुड़े रहें। जितना भी पढ़ें उसे अच्छे से पढ़ें। बेशक कम पढ़ें, लेकिन ऐसे पढ़ें कि उसमें से जो भी आए वह आप हल कर सकें। बताया कि यह उनका चौथा प्रयास है। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग की है। मूलरूप से हरियाणा के जींद जिले के इंतल कला निवासी हैं। पिता और दादा फौजी थे, जो अब वडोदरा में रहते हैं।
विफलता से घबराएं नहीं, धैर्य व विवेक रखें: शर्मा
इसी परीक्षा में 146वीं रैंक लाने वाले सौरभ शर्मा ने कहा कि इस परीक्षा में सफलता के लिए जरूरी है कि विफलता से घबराएं नहीं। धैर्य और विवेक को बनाएं रखें। आत्म अवलोकन करते रहें और तन्मयता से प्रयास करें तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्हें पांचवें प्रयास में यह सफलता मिली। पिता प्रो.मिलिंद कुमार जोधपुर एमबीएम यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं जबकि मां कुमुद शर्मा जोधपुर के एक स्कूल में प्राचार्य हैं। सौरभ का जन्म राजस्थान के बूंदी शहर में हुआ था, लेकिन उनकी स्कूली और स्नातकोत्तर तक की शिक्षा जोधपुर शहर में हुई। वे फिलहाल अहमदाबाद के वटवा में स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में अकाउंट एंड एन्फोर्समेंट में कार्यरत हैं।
आत्मविश्वास रखना काफी अहम: चौहान
अहमदाबाद. सिविल सेवा परीक्षा में 589वीं रैंक लाने वाले अहमदाबाद के बावला निवासी जैनीश चौहान को पांचवें प्रयास में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यह काफी मेहनत लेने वाली परीक्षा है। हर विफलता में खुद पर सवाल पूछता था। माता, पिता, बहन के प्रोत्साहन के चलते पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार सफल हुआ। इसके साथ अन्य परीक्षाएं भी दीं, उनमें सफलता से आत्मविश्वास बढ़ता था। सफलता के लिए खुद पर आत्मविश्वास रखना जरूरी है।
सफलता के लिए दृढ़ मनोबल जरूरी: स्नेह
अहमदाबाद. इस परीक्षा में 813 रैंक पाने वाले स्नेह पटेल ने बताया कि परिवार के सहयोग के चलते यह परीक्षा पास करने में सफलता मिली है। मेरा मानना है कि यह काफी कठिन परीक्षा है। इसके लिए निरंतरता के साथ पढ़ाई को जारी रखना चाहिए। विफलता के बावजूद मनोबल को दृढ़ रखना जरूरी है। उन्हें तीसरे प्रयास में यह सफलता मिली है।


