Ahmedabad news गुजरात में आगामी होली और धुलंडी त्योहार के दिन इमरजेंसी मेडिकल केसों की संख्या में भारी वृद्धि की संभावना जताई गई है। 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस ने पिछले वर्षों के ट्रेंड और इस बार की डेटा आधारित भविष्यवाणी के आधार पर राज्यभर में इस स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। राज्यभर में 1493 एम्बुलेंस और अतिरिक्त सुपरवाइजरी स्टाफ तैनात रहेंगे।गुजरात 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जशवंत प्रजापति ने कहा कि राज्य में सामान्य दिनों में औसतन 4679 इमरजेंसी केस हैंडल किए जाते हैं। इस बार होली पर 5255 केस से जुड़े कॉल मिलने की संभावना है, जो लगभग 12.31 प्रतिशत ज्यादा हैं। जबकि धुलंडी पर 6744 इमरजेंसी केस आने की संभावना है, जो आम दिनों की तुलना में 44.13 फीसदी अधिक हैं। प्रमुख कारणों में सड़क दुर्घटनाएं, नॉन-व्हीक्युलर ट्रॉमा और शारीरिक झगड़े शामिल हैं।
गिरने, झगड़े के मामलों में वृद्धि के आसार
सड़क दुर्घटनाओं में होली पर 54 प्रतिशत और धुलंडी पर 128 प्रतिशत तक वृद्धि की आशंका है। नॉन-व्हीक्युलर ट्रॉमा जैसे गिरना, चोट लगना और झगड़े होली पर 35 प्रतिशत तथा धुलंडी पर 165 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। शारीरिक झगड़ों में सबसे अधिक वृद्धि अनुमान है। होली के दिन 92 तथा और धुलंडी पर 401 फीसदी तक वृद्धि संभव है।
अहमदाबाद में ज्यादा इमर्जेंसी मामलों के आसार
धुलंडी पर राज्य के अधिकांश जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक इमरजेंसी बढ़ने की संभावना है। अहमदाबाद में सामान्य दिनों में 917 केस की तुलना में 1123 केस, वडोदरा में 242 की जगह 365 केस, सूरत में 441 की जगह 745 और राजकोट में 256 की जगह 366 केस दर्ज होने का अनुमान है। दाहोद सहित अन्य जिलों में भी केसों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है।
अन्य इमरजेंसी भी बढ़ने के आसार
गर्भावस्था संबंधी केसों में हल्की वृद्धि की संभावना है। वहीं बुखार और सांस की तकलीफ जैसे मामलों में कमी का अनुमान है। विषाक्तता (पॉइज़निंग) और जलने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।


