अयोध्या में किशोरी से छेड़छाड़ और उसके कपड़े फाड़ने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी पवन को नौ साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यह फैसला न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी पवन को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि महिलाओं और किशोरियों के खिलाफ ऐसे अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना 6 सितंबर 2024 की है। सोलह वर्षीय किशोरी शौच के लिए बाहर गई थी। लौटते समय आरोपी पवन ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे जबरन खेत की ओर घसीट ले गया। उसने किशोरी के कपड़े फाड़ दिए। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में पीड़िता के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए डेढ़ साल से भी कम समय में छह गवाहों को अदालत में पेश किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। हालांकि, मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अदालत ने छेड़छाड़ और कपड़े फाड़ने जैसे गंभीर अपराधों को ध्यान में रखते हुए कठोर सजा सुनाई। कोर्ट ने छेड़छाड़ के अपराध में चार साल और कपड़े फाड़ने के अपराध में पांच साल की सजा निर्धारित की। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।


