मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान बिहारशरीफ दीपनगर स्टेडियम में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां एक ओर विकास कार्यों की समीक्षा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर जिले की महिलाओं और जीविका दीदियों की आंखों में अपने ‘नेता’ के जाने की आहट पर नमी और जुबां पर दुआएं थीं। राज्यसभा जाने और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाओं के बीच नालंदा की महिलाओं ने एक सुर में कहा कि नीतीश बाबू हमारे गार्जियन की तरह हैं, उनके जाने से लग रहा है जैसे सिर से साया उठ रहा है। 20 साल बेमिसाल: महिलाओं ने गिनाए काम जन संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल को ‘स्वर्ण युग’ बताया। एचएनएस एमआरपी के पद पर कार्यरत पूजा कुमारी ने भावुक होते हुए कहा कि नीतीश भैया ने हमें घर से निकालकर रोजगार दिया। जीविका के माध्यम से महिलाओं का मानदेय दोगुना किया। हम चाहते हैं कि वे जाने से पहले अपने जैसा ही कोई मुख्यमंत्री देकर जाएं जो हमें समझ सके। राजगीर से आईं पिंकी देवी और कोसुक की रेनू देवी ने सुरक्षा और आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के राज में महिलाएं बेखौफ होकर कहीं भी आ-जा सकती हैं। उन्होंने 35% आरक्षण और आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। ‘नीतीश चाचा न जाएं’: स्वच्छता प्रहरियों की भी टिकी हैं उम्मीदें नूरसराय ब्लॉक की स्वच्छता ग्राही रिंकी कुमारी ने जहां एक ओर मुख्यमंत्री के जाने पर दुख जताया, वहीं अपनी मांगें भी मजबूती से रखीं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि नीतीश चाचा कहीं न जाएं। हमने डीएम से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ लगाई है, हमारी विनती है कि स्वच्छता ग्राहियों को स्वच्छता पर्यवेक्षक के रूप में बहाल किया जाए ताकि फर्जी सर्टिफिकेट वालों पर लगाम लग सके। पहले निशांत के काम को देखेंगे जब महिलाओं से उनके बेटे के राजनीति में आने और अगले मुख्यमंत्री की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी परिपक्वता से जवाब दिया। जीविका दीदियों का कहना है कि हम पहले उनके काम को देखेंगे, परखेंगे और जानेंगे। अगर वे मुख्यमंत्री जी की तरह ही विकास और महिलाओं की सुरक्षा की सोच रखेंगे, तभी हम उन्हें स्वीकार करेंगे। रेणु देवी ने बताया कि 20 साल का काम बेमिसाल रहा है। उन्होंने हमें फ्रीडम दी, सुरक्षा दी। अब उनके जाने की खबर से धड़कनें बढ़ गई हैं कि भविष्य में कैसा विकास होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान बिहारशरीफ दीपनगर स्टेडियम में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां एक ओर विकास कार्यों की समीक्षा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर जिले की महिलाओं और जीविका दीदियों की आंखों में अपने ‘नेता’ के जाने की आहट पर नमी और जुबां पर दुआएं थीं। राज्यसभा जाने और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने की चर्चाओं के बीच नालंदा की महिलाओं ने एक सुर में कहा कि नीतीश बाबू हमारे गार्जियन की तरह हैं, उनके जाने से लग रहा है जैसे सिर से साया उठ रहा है। 20 साल बेमिसाल: महिलाओं ने गिनाए काम जन संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल को ‘स्वर्ण युग’ बताया। एचएनएस एमआरपी के पद पर कार्यरत पूजा कुमारी ने भावुक होते हुए कहा कि नीतीश भैया ने हमें घर से निकालकर रोजगार दिया। जीविका के माध्यम से महिलाओं का मानदेय दोगुना किया। हम चाहते हैं कि वे जाने से पहले अपने जैसा ही कोई मुख्यमंत्री देकर जाएं जो हमें समझ सके। राजगीर से आईं पिंकी देवी और कोसुक की रेनू देवी ने सुरक्षा और आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के राज में महिलाएं बेखौफ होकर कहीं भी आ-जा सकती हैं। उन्होंने 35% आरक्षण और आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। ‘नीतीश चाचा न जाएं’: स्वच्छता प्रहरियों की भी टिकी हैं उम्मीदें नूरसराय ब्लॉक की स्वच्छता ग्राही रिंकी कुमारी ने जहां एक ओर मुख्यमंत्री के जाने पर दुख जताया, वहीं अपनी मांगें भी मजबूती से रखीं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि नीतीश चाचा कहीं न जाएं। हमने डीएम से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ लगाई है, हमारी विनती है कि स्वच्छता ग्राहियों को स्वच्छता पर्यवेक्षक के रूप में बहाल किया जाए ताकि फर्जी सर्टिफिकेट वालों पर लगाम लग सके। पहले निशांत के काम को देखेंगे जब महिलाओं से उनके बेटे के राजनीति में आने और अगले मुख्यमंत्री की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी परिपक्वता से जवाब दिया। जीविका दीदियों का कहना है कि हम पहले उनके काम को देखेंगे, परखेंगे और जानेंगे। अगर वे मुख्यमंत्री जी की तरह ही विकास और महिलाओं की सुरक्षा की सोच रखेंगे, तभी हम उन्हें स्वीकार करेंगे। रेणु देवी ने बताया कि 20 साल का काम बेमिसाल रहा है। उन्होंने हमें फ्रीडम दी, सुरक्षा दी। अब उनके जाने की खबर से धड़कनें बढ़ गई हैं कि भविष्य में कैसा विकास होगा।


