सहरसा विद्युत ग्रिड में रविवार को करंट लगने से एक गार्ड मौत मामले को लेकर आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने ग्रिड पहुंचकर बिजली की लाइन काट दी, जिससे शहर के कई इलाकों में करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई। यह घटना सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग पर मल्हनी भरना के पास हुई। बताया गया कि सहरसा ग्रिड में तैनात नाइट गार्ड रंजीत कुमार को शटडाउन लेकर बिजली के तार पर झूल रही पेड़ की टहनियां काटने के लिए भेजा गया था। रविवार को टहनी काटने के दौरान अचानक बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे रंजीत करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रंजीत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे
मृतक की पहचान सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर-3 निवासी जोगेंद्र यादव के 30 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। रंजीत पिछले छह महीने से सहरसा पावर सब स्टेशन में नाइट गार्ड के तौर पर कार्यरत थे। वह शादीशुदा थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक छह महीने का बेटा और दो साल की बेटी शामिल हैं। रंजीत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग सहरसा ग्रिड पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सदर थाना अध्यक्ष और सदर प्रखंड की बीडीओ अभिलाष मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया। विद्युत ग्रिड के कार्यपालक अभियंता सर्वेश कुमार ने बताया कि गार्ड की मौत करंट लगने से हुई है। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कार्यपालक अभियंता ने यह भी कहा कि मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा और सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। विभागीय चूक के कारण ही रंजीत की जान गई
परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुपौल क्षेत्र में विभागीय चूक के कारण ही रंजीत की जान गई। परिजनों के अनुसार, बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के खतरनाक काम कराया गया, जिसका खामियाजा परिवार को भुगतना पड़ा। सहरसा विद्युत ग्रिड में रविवार को करंट लगने से एक गार्ड मौत मामले को लेकर आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने ग्रिड पहुंचकर बिजली की लाइन काट दी, जिससे शहर के कई इलाकों में करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई। यह घटना सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग पर मल्हनी भरना के पास हुई। बताया गया कि सहरसा ग्रिड में तैनात नाइट गार्ड रंजीत कुमार को शटडाउन लेकर बिजली के तार पर झूल रही पेड़ की टहनियां काटने के लिए भेजा गया था। रविवार को टहनी काटने के दौरान अचानक बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे रंजीत करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रंजीत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे
मृतक की पहचान सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर-3 निवासी जोगेंद्र यादव के 30 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। रंजीत पिछले छह महीने से सहरसा पावर सब स्टेशन में नाइट गार्ड के तौर पर कार्यरत थे। वह शादीशुदा थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक छह महीने का बेटा और दो साल की बेटी शामिल हैं। रंजीत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग सहरसा ग्रिड पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सदर थाना अध्यक्ष और सदर प्रखंड की बीडीओ अभिलाष मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया। विद्युत ग्रिड के कार्यपालक अभियंता सर्वेश कुमार ने बताया कि गार्ड की मौत करंट लगने से हुई है। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कार्यपालक अभियंता ने यह भी कहा कि मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा और सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। विभागीय चूक के कारण ही रंजीत की जान गई
परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुपौल क्षेत्र में विभागीय चूक के कारण ही रंजीत की जान गई। परिजनों के अनुसार, बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के खतरनाक काम कराया गया, जिसका खामियाजा परिवार को भुगतना पड़ा।


