गोंडा जिले में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्क्रैप (कबाड़) के अवैध कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। फर्जी बिल और ई-वे बिल के जरिए यह गिरोह करोड़ों की जीएसटी चोरी कर रहा था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गोंडा जिले की नगर कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने स्क्रैप माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए कबाड़ का अवैध परिवहन कर रहे एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सूरज गुप्ता उर्फ देवी प्रसाद, शुभम गुप्ता और रामतीरथ वर्नवाल शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रमुख सचिव, राज्य कर उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। दरअसल 5 सितंबर 2025 को राज्य कर विभाग की सचल दल इकाई ने मुन्नन खां चौराहे के पास एक ट्रक को जांच के लिए रोका। जांच में पता चला कि वाहन में लदा स्क्रैप फर्जी और गड़बड़ दस्तावेजों के आधार पर ले जाया जा रहा था। वाहन चालक ने बताया कि माल गोंडा के नवाबगंज कस्बा से लोड कर पंजाब भेजा जा रहा था। जबकि कागजों में लोडिंग स्थान रायपुर और डिलीवरी स्थान शिमला दिखाया गया था। ई-वे बिल की जांच में यह भी सामने आया कि वाहन छत्तीसगढ़ गया ही नहीं था। जिससे साफ हुआ कि दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे।
जांच के दौरान वजन में भी मिली थी गड़बड़ी
जांच के दौरान वजन में भी गड़बड़ी मिली। कागजों में 10,010 किलो माल दर्ज था। जबकि असल वजन 11,770 किलो पाया गया। यानी करीब 1,760 किलो माल बिना टैक्स के ले जाया जा रहा था। इसके अलावा, संबंधित फर्म का पंजीकरण निलंबित पाया गया। वह अपने पते पर संचालित भी नहीं हो रही थी।
आरोपियों ने बताया नकली बिल के जरिए 100 ट्रक से अधिक माल भेजा
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी फर्म बनाकर नकली बिल और ई-वे बिल के जरिए स्क्रैप की ढुलाई करते थे। उन्होंने बताया कि अब तक 100 से ज्यादा गाड़ियों के जरिए इस तरह माल भेजा जा चुका है। जिससे करीब 4 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


