गोविंद नगर में बोगस फर्म के 37़ 13 करोड़ का जीएसटी घोटाले का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं राज्य कर विभाग की जांच में सिंह इंटरप्राइजेज नाम की फर्म सिर्फ कागजों में संचालित मिली, जबकि मौके पर कोई अस्तिव नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने मुरादाबाद निवासी फर्म संचालक अरविंद सिंह के खिलाफ रिपोर्ट कराई। 2025-26 में दर्शाई 206 करोड़ की बिक्री सहायक आयुक्त राज्यकर प्रभाकर कुमार चौधरी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में जिक्र किया है कि मुरादाबाद के बुजपुर मान राम मंदिर रोड निवासी अरविंद सिंह ने संजय नगर सीटीआई रोड के पते पर बीते साल 28 फरवरी को फर्म का पंजीकरण कराया था। इस दौरान जीएसटी पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 204 करोड़ रुपये की खरीद और 206 करोड़ रुपये की बिक्री दर्शाई गई। इसके आधार पर 36.74 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया गया, जबकि 37.13 करोड़ रुपये का कर देय दिखाया गया। शक होने पर बीती 13 जनवरी को जब विभागीय टीम मौके पर जांच करने पहुंची तो वहां 8×10 फीट की एक बंद दुकान मिली, जहां न कोई बोर्ड और न ही किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती पाई गई। वहीं रजिस्टर्ड नंबर पर कॉल करने पर कुछ बंद मिले या कॉल रिसीव नहीं हुई। जांच में सामने आया है कि बिना वास्तविक कारोबार के 36.74 करोड़ रुपए का फर्जी आईटीसी अर्जित किया, फिर 37.13 करोड़ रुपये का बोगस आईटीसी अन्य फर्मों को वितरित कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। थाना प्रभारी रीकेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की रही है।


