कुल्लू में पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पोते की मौत:बर्फबारी के बीच स्कैटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने से पहले निधन

कुल्लू में पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पोते की मौत:बर्फबारी के बीच स्कैटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने से पहले निधन

झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन का कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार की है। वीर सोरेन पढ़ाई के सिलसिले में राज्य से बाहर रह रहे थे। इन दिनों दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। स्कैटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी बताया गया कि वे कुल्लू में बर्फबारी का आनंद ले रहे थे। स्केटिंग करने के बाद जब वे होटल लौटे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि उन्हें अस्पताल तक ले जाने का अवसर नहीं मिल सका। होटल में ही उनका निधन हो गया। घटना के बाद साथ मौजूद मित्रों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। रांची से दिल्ली रवाना हुए चंपाई सोरेन घटना की जानकारी मिलते ही चंपाई सोरेन रांची से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनके तीनों बेटे सिमल सोरेन, बाबूलाल सोरेन और बबलू सोरेन हैं। मृतक वीर सोरेन बाबूलाल सोरेन के बेटे हैं। बताया गया कि वे पहले सड़क मार्ग से रांची पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से दिल्ली गए। परिवार के सदस्य लगातार हिमाचल प्रदेश प्रशासन और स्थानीय संपर्कों के साथ संपर्क में रहे। बाहा पर्व का उत्सव शोक में बदला इधर, मंगलवार को ही चंपाई सोरेन अपने पैतृक गांव जिलिंगोड़ा में जाहेर थान पर बाहा पर्व के आयोजन में शामिल हुए थे। पारंपरिक उल्लास के बीच कार्यक्रम चल रहा था, तभी वीर सोरेन के निधन की सूचना पहुंची। सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उत्सव को तत्काल स्थगित कर दिया गया। ग्रामीणों और समर्थकों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन का कुल्लू (हिमाचल प्रदेश) में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार की है। वीर सोरेन पढ़ाई के सिलसिले में राज्य से बाहर रह रहे थे। इन दिनों दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। स्कैटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी बताया गया कि वे कुल्लू में बर्फबारी का आनंद ले रहे थे। स्केटिंग करने के बाद जब वे होटल लौटे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि उन्हें अस्पताल तक ले जाने का अवसर नहीं मिल सका। होटल में ही उनका निधन हो गया। घटना के बाद साथ मौजूद मित्रों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। रांची से दिल्ली रवाना हुए चंपाई सोरेन घटना की जानकारी मिलते ही चंपाई सोरेन रांची से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनके तीनों बेटे सिमल सोरेन, बाबूलाल सोरेन और बबलू सोरेन हैं। मृतक वीर सोरेन बाबूलाल सोरेन के बेटे हैं। बताया गया कि वे पहले सड़क मार्ग से रांची पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से दिल्ली गए। परिवार के सदस्य लगातार हिमाचल प्रदेश प्रशासन और स्थानीय संपर्कों के साथ संपर्क में रहे। बाहा पर्व का उत्सव शोक में बदला इधर, मंगलवार को ही चंपाई सोरेन अपने पैतृक गांव जिलिंगोड़ा में जाहेर थान पर बाहा पर्व के आयोजन में शामिल हुए थे। पारंपरिक उल्लास के बीच कार्यक्रम चल रहा था, तभी वीर सोरेन के निधन की सूचना पहुंची। सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उत्सव को तत्काल स्थगित कर दिया गया। ग्रामीणों और समर्थकों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई।  

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