खगड़िया में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा जिला मुख्यालय स्थित शुभ लगन पैलेस से परमपूज्य संत देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज के सान्निध्य में शुरू हुई। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा से पहले संत देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा केवल अभिमान रहित भक्ति से ही प्राप्त होती है। महाराज ने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने भगवान राम की भक्ति में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया था। उन्हें अपने बल, बुद्धि या विद्या का कोई अभिमान नहीं था, वे स्वयं को श्रीराम का दास मानते थे। महाराज ने कहा, ‘काया गढ़ जीत जोगी तब हम जानी’, जिसका अर्थ है कि जिसने अपने शरीर और अहंकार पर विजय प्राप्त कर ली, वही सच्चा भक्त है। हनुमान जी इसी भावना के प्रतीक हैं, जो निरंतर श्रीराम के चरणों में लीन रहते हैं। शुभ लगन रिसोर्ट रामचंदा से शुरू हुई शोभायात्रा यह भव्य शोभायात्रा शुभ लगन रिसोर्ट रामचंदा से शुरू होकर विद्याधार, बड़ी दुर्गा स्थान, प्रकाश टाकीज रोड, सागरमल चौक, मील रोड, स्टेशन रोड, राजेंद्र चौक, थाना चौक, मेन रोड, लोहा पट्टी रोड और विश्वनाथ गंज से होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और संकीर्तन के साथ हुआ। इस अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव समिति के धुर्व कुमार, प्रहलाद जी, ललित सिंह, मुकेश जी, अनिरुद्ध जालान, संजीव कुमार, दिनेश जी, मुन्ना जी, गौतम जी, अरविंद वर्मा और मीडिया प्रभारी संजीव कुमार सिंह सिसौदिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आरा, बक्सर, पटना, खगड़िया, बेगूसराय और मधेपुरा सहित विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे यह भव्य और सफल रहा। खगड़िया में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा जिला मुख्यालय स्थित शुभ लगन पैलेस से परमपूज्य संत देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज के सान्निध्य में शुरू हुई। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा से पहले संत देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा केवल अभिमान रहित भक्ति से ही प्राप्त होती है। महाराज ने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने भगवान राम की भक्ति में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया था। उन्हें अपने बल, बुद्धि या विद्या का कोई अभिमान नहीं था, वे स्वयं को श्रीराम का दास मानते थे। महाराज ने कहा, ‘काया गढ़ जीत जोगी तब हम जानी’, जिसका अर्थ है कि जिसने अपने शरीर और अहंकार पर विजय प्राप्त कर ली, वही सच्चा भक्त है। हनुमान जी इसी भावना के प्रतीक हैं, जो निरंतर श्रीराम के चरणों में लीन रहते हैं। शुभ लगन रिसोर्ट रामचंदा से शुरू हुई शोभायात्रा यह भव्य शोभायात्रा शुभ लगन रिसोर्ट रामचंदा से शुरू होकर विद्याधार, बड़ी दुर्गा स्थान, प्रकाश टाकीज रोड, सागरमल चौक, मील रोड, स्टेशन रोड, राजेंद्र चौक, थाना चौक, मेन रोड, लोहा पट्टी रोड और विश्वनाथ गंज से होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और संकीर्तन के साथ हुआ। इस अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव समिति के धुर्व कुमार, प्रहलाद जी, ललित सिंह, मुकेश जी, अनिरुद्ध जालान, संजीव कुमार, दिनेश जी, मुन्ना जी, गौतम जी, अरविंद वर्मा और मीडिया प्रभारी संजीव कुमार सिंह सिसौदिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आरा, बक्सर, पटना, खगड़िया, बेगूसराय और मधेपुरा सहित विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे यह भव्य और सफल रहा।


