भागलपुर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन:भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास, बिहार गौरव गान और झिझिया नृत्य की प्रस्तुति

भागलपुर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन:भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास, बिहार गौरव गान और झिझिया नृत्य की प्रस्तुति

भागलपुर में सैंडिस कंपाउंड स्थित ओपन थियेटर में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित और भारत माता को पुष्प अर्पित कर की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद बिहार गौरव गान की प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की समृद्ध परंपरा, कृषि संस्कृति, छठ पर्व, बिहुला कथा, होली के रंग और वीरता की गाथाओं को कलाकारों ने गीत और नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। झिझिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौके पर नाथनगर विधायक मिथुन यादव, मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल, संयोजक राजीव मिश्रा, सह संयोजक गिरीश चंद्र झा, बालमुकुंद,रतन सिंह, हरविंद नारायण भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष, मानस, रामंजय साह मौजूद रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास इसके अलावा सामाचकेवा की प्रस्तुति ने मिथिला की लोक परंपरा और भाई-बहन के अटूट प्रेम को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्राचीन शिक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालय की गरिमा और वर्तमान स्थिति को दर्शाया गया। कार्यक्रम में कलाकार राधिका, संजना, पूर्णिमा, आस्था, माधवी चौधरी, प्रियांशु, सोनाक्षी और अंकिता ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लोग अपनी संस्कृति से जुड़ते हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार साह ने इसे जागरूकता की दिशा में सराहनीय पहल बताया। संयोजक गिरीश चंद्र झा ने कहा कि यह आयोजन भारतीय नववर्ष की गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। भागलपुर में सैंडिस कंपाउंड स्थित ओपन थियेटर में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित और भारत माता को पुष्प अर्पित कर की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद बिहार गौरव गान की प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की समृद्ध परंपरा, कृषि संस्कृति, छठ पर्व, बिहुला कथा, होली के रंग और वीरता की गाथाओं को कलाकारों ने गीत और नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। झिझिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौके पर नाथनगर विधायक मिथुन यादव, मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल, संयोजक राजीव मिश्रा, सह संयोजक गिरीश चंद्र झा, बालमुकुंद,रतन सिंह, हरविंद नारायण भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष, मानस, रामंजय साह मौजूद रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास इसके अलावा सामाचकेवा की प्रस्तुति ने मिथिला की लोक परंपरा और भाई-बहन के अटूट प्रेम को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्राचीन शिक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालय की गरिमा और वर्तमान स्थिति को दर्शाया गया। कार्यक्रम में कलाकार राधिका, संजना, पूर्णिमा, आस्था, माधवी चौधरी, प्रियांशु, सोनाक्षी और अंकिता ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लोग अपनी संस्कृति से जुड़ते हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार साह ने इसे जागरूकता की दिशा में सराहनीय पहल बताया। संयोजक गिरीश चंद्र झा ने कहा कि यह आयोजन भारतीय नववर्ष की गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *