अररिया कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर परीक्षा संपन्न:699 छात्रों ने नकलविहीन-शांतिपूर्ण माहौल में दी परीक्षा, दो पालियों में हुई

अररिया कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर परीक्षा संपन्न:699 छात्रों ने नकलविहीन-शांतिपूर्ण माहौल में दी परीक्षा, दो पालियों में हुई

अररिया महाविद्यालय में बुधवार को स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा नकलविहीन और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। इसमें कुल 699 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली, जिसमें 335 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हुई, जिसमें 364 परीक्षार्थी शामिल हुए। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने बताया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया गया। उन्होंने पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 9:30 बजे सुनिश्चित किया गया था और परीक्षा ठीक 10 बजे शुरू हुई। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की बहु-स्तरीय जांच की गई। परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या किसी भी प्रकार के चिट-पुर्जे लाने पर सख्त मनाही थी, उल्लंघन पर निष्कासन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। उन्हें केवल कलम, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की अनुमति थी। महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षार्थियों को दोपहिया या चारपहिया वाहन परिसर में लाने की अनुमति नहीं दी। प्रो. पासवान ने कहा, “हमारा प्रयास है कि परीक्षा स्वच्छ, पारदर्शी और पूरी तरह कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हो। छात्रों को निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।” महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। भविष्य में भी इसी स्तर के अनुशासन और पारदर्शिता को बनाए रखने का लक्ष्य है। परीक्षा के सफल संचालन में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। अररिया महाविद्यालय में बुधवार को स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा नकलविहीन और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। इसमें कुल 699 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली, जिसमें 335 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हुई, जिसमें 364 परीक्षार्थी शामिल हुए। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य सह केंद्राधीक्षक प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने बताया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया गया। उन्होंने पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। निर्देशों के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 9:30 बजे सुनिश्चित किया गया था और परीक्षा ठीक 10 बजे शुरू हुई। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की बहु-स्तरीय जांच की गई। परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या किसी भी प्रकार के चिट-पुर्जे लाने पर सख्त मनाही थी, उल्लंघन पर निष्कासन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। उन्हें केवल कलम, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर और प्रवेश पत्र लाने की अनुमति थी। महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षार्थियों को दोपहिया या चारपहिया वाहन परिसर में लाने की अनुमति नहीं दी। प्रो. पासवान ने कहा, “हमारा प्रयास है कि परीक्षा स्वच्छ, पारदर्शी और पूरी तरह कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हो। छात्रों को निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।” महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। भविष्य में भी इसी स्तर के अनुशासन और पारदर्शिता को बनाए रखने का लक्ष्य है। परीक्षा के सफल संचालन में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।  

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