GPM कलेक्टर ने साप्ताहिक बैठक ली:जन शिकायतों के समाधान और उपकरण वितरण पर जोर दिया, राजस्व-पंचायत विभाग के ज्यादातर आवेदन

GPM कलेक्टर ने साप्ताहिक बैठक ली:जन शिकायतों के समाधान और उपकरण वितरण पर जोर दिया, राजस्व-पंचायत विभाग के ज्यादातर आवेदन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में जन समस्याओं और जन शिकायतों के विभागवार निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निराकरण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। इसके अलावा कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदकों को इसकी सूचना दी जाए और निराकरण के बाद प्रकरणों को पोर्टल से विलोपित किया जाए। उन्होंने बताया कि जनदर्शन में मिले अधिकांश आवेदन राजस्व और पंचायत विभाग से संबंधित होते हैं, जो सीधे जनता से जुड़े हैं। कलेक्टर ने दोनों विभागों के अधिकारियों को ऐसे मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशासन की ओर से आयोजित जन समस्या निवारण शिविरों में सहायक उपकरण वितरण योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को उपकरणों का वितरण सुनिश्चित करने को कहा। स्टेशनरी आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग बैठक में कलेक्टर ने खंड शिक्षा कार्यालयों में स्टेशनरी आपूर्ति और भुगतान और पंचायतों की ओर से कराए जाने वाले स्ट्रीट लाइटिंग के कार्यों को नियम और प्रक्रिया का पालन करते हुए कराने के निर्देश दिए। लंबित आवेदन शीघ्र निपटाने के निर्देश समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनदर्शन पर 199 आवेदन, मुख्यमंत्री जन शिकायत पर 50 आवेदन, मुख्यमंत्री निवास जनदर्शन पर 25 आवेदन और पीएमओ पोर्टल पर 7 आवेदन लंबित हैं। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन लंबित आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण किया जाए। पीएम जनमन योजना के अप्रारंभ आवास कलेक्टर ने आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में संचालित पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत, लेकिन अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगति हुई है, लेकिन शत-प्रतिशत आवासों को प्रारंभ करने के लिए सभी जनपद सीईओ को हितग्राहियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। सोन और तिपान नदियों का संरक्षण कलेक्टर ने उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अरपा नदी की तर्ज पर सोन और तिपान नदियों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने जल संसाधन, वन, कृषि, पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे दोनों नदियों के उद्गम स्थलों की पहचान करें, स्रोतों का पुनरुद्धार करें और जलग्रहण क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य योजना तैयार करें।

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