भारत से 5 गुना ज्यादा जीपीडी, फिर भी चीन विकसित राष्ट्र नहीं, जानिए कब मिलता है यह दर्जा?

भारत से 5 गुना ज्यादा जीपीडी, फिर भी चीन विकसित राष्ट्र नहीं, जानिए कब मिलता है यह दर्जा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार कहते रहे हैं कि उन्होंने 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने का लक्ष्य रखा है और वह यह लक्ष्य पूरा करेंगे। लेकिन, क्या सच में यह लक्ष्य पूरा होगा? पूरा हो सकता है? चीन का जीडीपी भारत से पांच गुना ज्यादा है। फिर भी वह ‘विकसित राष्ट्र’ की श्रेणी में नहीं है। फिर भारत कैसे यह लक्ष्य हासिल कर पाएगा? इन सवालों के जवाब का अंदाज हमें इससे लग जाएगा जब हम यह जान लेंगे कि ‘विकसित राष्ट्र’ का मतलब क्या है?

विकसित राष्ट्र का पैमाना क्या?

किसी भी देश के विकसित होने का पैमाना मुख्य रूप से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और प्रति व्यक्ति औसत आय को माना जाता है। बीमार हो तो उसके पास अच्छा इलाज कराने के पैसे हों या सरकार हर व्यक्ति को समुचित इलाज की सुविधा दिलाए। साथ ही सभी के लिए समुचित शिक्षा का इंतजाम हो।

विश्व बैंक का ये है पैमाना

विश्व बैंक दुनिया के देशों को विकसित/विकासशील/अविकसित उसकी आय के आधार पर मानता है। इस आधार पर वह देशों को चार भाग में बांटता है- निम्न (low), निम्न-मध्य (lower-middle), उच्च-मध्य (upper-middle) और उच्च (high)। यह पैमाना हर साल एक जुलाई को अपडेट होता है। इसे पिछले कैलंडर वर्ष के प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (Gross National Income-GNI) के आधार पर तय किया जाता है। जीएनआई अमेरिकी डॉलर में गिनी जाती है। इसकी गणना 1989 के एटलस मेथड से की जाती है।

विश्व बैंक ने 14005 डॉलर प्रति व्यक्ति जीडीपी वाले देशों को ‘हाई इनकम’ ग्रुप में रखा है।

world bank parameters based on income

एटलस मेथड में करेंसी एक्सचेंज रेट तीन साल में आए उतार-चढ़ाव के औसत के आधार पर तय होता है। इस औसत को उस देश व अंतरराष्ट्रीय महंगाई दर के अंतर से समायोजित किया जाता है। इसे एटलस कन्वर्जन फैक्टर कहा जाता है। इस आधार पर 2023 में 12% देश लो-इनकम कैटेगरी में और 40% हाई-इनकम कैटेगरी में रखे गए।

2023 के विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक हाई इनकम वाले सबसे ज्यादा (40) देश यूरोप और मध्य एशिया में हैं। दक्षिण एशिया में एक भी देश इस कैटेगरी में नहीं है। यहां एक देश अपर मिडिल इनकम ग्रुप में, एक लो इनकम और 6 लोअर मिडिल इनकम ग्रुप में हैं।

World bank group country classification

यूएन की तीन कैटेगरी

संयुक्त राष्ट्रसंघ (यूएन) अर्थव्यवस्था के लिहाज से देशों को तीन कैटेगरी में रखता है- विकसित (Developed), बदलती अर्थव्यवस्था (Economies in transition) और विकासशील (Developing)।

विकसित राष्ट्र बनने के लिए क्या होना चाहिए? कोई देश विकसित है या नहीं, यह मुख्य रूप से इसी बात पर निर्भर करता है कि उस देश की जनता कितनी समृद्ध है और उसके पास कितने संसाधन हैं। देश के विकास का स्तर मुख्य रूप से प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति जीडीपी, कल-कारखानों की संख्या, आम लोगों का रहन-सहन और तकनीकी बुनियादी ढांचा पर निर्भर करता है।

इस लिहाज से चीन भी विकसित देशों की सूची में नहीं है। 2024 में चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी 13,303 डॉलर थी, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 85,809 डॉलर था। यही नहीं, चीन में हो रहा विकास उसे विकसित राष्ट्र बनाने के लिहाज से न तो पर्याप्त है और न ही संतुलित है। शहरी और ग्रामीण व अलग-अलग इलाकों में विकास और लोगों के जीवन स्तर में भारी असमानता है। करोड़ों लोग आज भी बदहाली का जीवन जी रहे हैं।

भारत की स्थिति चीन से बहुत कमतर है। 2024 में भारत का प्रति व्यक्ति जीडीपी महज 2694 डॉलर था। यहां आर्थिक असमानता भी खूब है। करोड़ों लोग सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त अनाज पर निर्भर हैं, उन्हें पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा, लाखों स्कूलों में बैठने तक की सही व्यवस्था नहीं है।

विकासशील देशों की लिस्ट (जनवरी 2025)

अफ्रीका एशिया पैसिफिक पूर्वी भूमध्य यूरोप इबेरो-अमेरिका उत्तरी अमेरिका दक्षिण एशिया
अंगोला कंबोडिया अफगानिस्तान अल्बानिया बेलिज हैती बांग्लादेश
कैमरून फिजी अल्जीरिया आर्मेनिया बोलिविया जमैका भूटान
मध्य अफ्रीकी गणराज्य इंडोनेशिया मिस्र बेलारूस कोलंबिया भारत
कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य मंगोलिया ईरान जॉर्जिया इक्वाडोर नेपाल
कोटे डी आइवर म्यांमार इराक कोसोवो अल साल्वाडोर पाकिस्तान
इथियोपिया फिलीपींस जॉर्डन किर्गिस्तान ग्वाटेमाला श्रीलंका
गाम्बिया थाईलैंड लेबनान उत्तर मैसेडोनिया होंडुरास
घाना वियतनाम मोरक्को ताजिकिस्तान निकारागुआ
केन्या सीरिया यूक्रेन पराग्वे
लेसोथो ट्यूनीशिया पेरू
लाइबेरिया फिलिस्तीन
लीबिया यमन
मेडागास्कर
मोज़ाम्बिक
नामीबिया
नाइजर
नाइजीरिया
रवांडा
सेनेगल
सिएरा लियोन
दक्षिण अफ्रीका
सूडान
तंजानिया
टोगो
युगांडा
जाम्बिया
ज़िम्बाब्वे

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