गयाजी के विष्णुपद मंदिर में मंगलवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने अपने पितरों का पिंडदान किया। उनके साथ पत्नी और बेटी भी मौजूद रहीं। विधि-विधान के साथ तीर्थ पुरोहित राहुल पंडा ने पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। एक दिवसीय पिंडदान परंपरा के तहत राज्यपाल ने फल्गु नदी, विष्णुपद वेदी और अक्षयवट वेदी, इन तीनों प्रमुख वेदियों पर पितरों का तर्पण किया। शास्त्रों में इन तीनों वेदियों को पिंडदान के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। यही कारण रहा कि राज्यपाल ने अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना के साथ इन्हीं स्थलों पर पिंडदान किया।
तीन कुलों का किया पिंडदान विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारी मणिलाल बारीक और तीर्थ पुरोहित राहुल पंडा ने बताया कि राज्यपाल ने अपने पिता कुल, ससुर कुल और नाना कुल, तीनों कुलों के पितरों का एक साथ पिंडदान किया। अनुष्ठान के दौरान राज्यपाल और उनका परिवार पूरी तरह वैदिक क्रिया में लीन नजर आए। पितरों के प्रति उनकी श्रद्धा और गंभीरता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था पिंडदान के दौरान कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था रही। राज्यपाल सुरक्षा घेरे में रहे और सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया को फोटो और वीडियो बनाने से दूर रखा। इसके बावजूद गयाजी में हुए इस पावन अनुष्ठान ने एक बार फिर इस मोक्ष नगरी की धार्मिक गरिमा को रेखांकित किया। भगवान बुद्ध के दर्शन किए इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के राज्यपाल गयाजी पहुंचे थे। आगमन के बाद उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध के दर्शन किए और नमन किया। इसके बाद पवित्र बोधि वृक्ष के पास पहुंचे, जिसके नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। वहां भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार कर राज्यपाल और उनके परिवार के लिए मंगलकामनाएं कीं। गयाजी के विष्णुपद मंदिर में मंगलवार को तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने अपने पितरों का पिंडदान किया। उनके साथ पत्नी और बेटी भी मौजूद रहीं। विधि-विधान के साथ तीर्थ पुरोहित राहुल पंडा ने पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। एक दिवसीय पिंडदान परंपरा के तहत राज्यपाल ने फल्गु नदी, विष्णुपद वेदी और अक्षयवट वेदी, इन तीनों प्रमुख वेदियों पर पितरों का तर्पण किया। शास्त्रों में इन तीनों वेदियों को पिंडदान के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। यही कारण रहा कि राज्यपाल ने अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना के साथ इन्हीं स्थलों पर पिंडदान किया।
तीन कुलों का किया पिंडदान विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारी मणिलाल बारीक और तीर्थ पुरोहित राहुल पंडा ने बताया कि राज्यपाल ने अपने पिता कुल, ससुर कुल और नाना कुल, तीनों कुलों के पितरों का एक साथ पिंडदान किया। अनुष्ठान के दौरान राज्यपाल और उनका परिवार पूरी तरह वैदिक क्रिया में लीन नजर आए। पितरों के प्रति उनकी श्रद्धा और गंभीरता स्पष्ट दिखाई दे रही थी। मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था पिंडदान के दौरान कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था रही। राज्यपाल सुरक्षा घेरे में रहे और सुरक्षा कर्मियों ने मीडिया को फोटो और वीडियो बनाने से दूर रखा। इसके बावजूद गयाजी में हुए इस पावन अनुष्ठान ने एक बार फिर इस मोक्ष नगरी की धार्मिक गरिमा को रेखांकित किया। भगवान बुद्ध के दर्शन किए इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के राज्यपाल गयाजी पहुंचे थे। आगमन के बाद उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध के दर्शन किए और नमन किया। इसके बाद पवित्र बोधि वृक्ष के पास पहुंचे, जिसके नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। वहां भिक्षुओं ने मंत्रोच्चार कर राज्यपाल और उनके परिवार के लिए मंगलकामनाएं कीं।


