दिव्यांगजनों के पुनर्वासन को सरकार देगी अनुदान:7 परियोजनाओं के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित

दिव्यांगजनों के पुनर्वासन को सरकार देगी अनुदान:7 परियोजनाओं के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं से अनुदान प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। कुशीनगर के जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अभय पांडेय ने बताया कि यह योजना दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजनों को छोड़कर) वाले व्यक्तियों के लिए है। यह योजना ‘दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता’ शीर्षक के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसके तहत राज्य सरकार कुल सात परियोजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इन परियोजनाओं में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे केयर सेंटर, प्री-प्राइमरी स्कूल, तथा प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालयों का संचालन शामिल है। इसके अलावा, कौशल विकास कार्यक्रमों (न्यूनतम 2 और अधिकतम 4 ट्रेड) और पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालयों के संचालन के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। अभय पांडेय के अनुसार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पंजीकृत वे सभी स्वैच्छिक संगठन आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास संबंधित क्षेत्र में कार्य का अनुभव है और जो योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इच्छुक संस्थाएं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट http://uphwd.gov.in से योजना के कार्यकारी आदेश, दिशा-निर्देश और आवेदन-पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर सकती हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं को अपने अनुदान प्रस्ताव 30 जनवरी 2026 तक जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, कुशीनगर में जमा करना होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक स्वैच्छिक संस्थाएं इस योजना से जुड़कर दिव्यांगजनों की शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वासन और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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