बीएएसयू में पेंशन संकट पर सरकार हरकत में, विश्वविद्यालय को 39.16 रूपए करोड़ स्वीकृत

बीएएसयू में पेंशन संकट पर सरकार हरकत में, विश्वविद्यालय को 39.16 रूपए करोड़ स्वीकृत

10.65 करोड़ रुपए विशेष रूप से पेंशन भुगतान के लिए तय किए गए
बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन संकट से जुड़ी इन्वेस्टिगेटिव खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य सरकार स्तर पर हलचल तेज हो गई है। 22 जनवरी को ‘बीएएसयू में 91.67 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं, चार माह से पेंशन भी बंद’ शीर्षक से दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें पेंशन भुगतान में लगातार हो रही देरी, बुजुर्ग पेंशनभोगियों की बदहाल स्थिति और मौतों के मामले सामने आने के बाद ने 27 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए को कुल ₹39.16 करोड़ की राशि स्वीकृत की। इस राशि में से ₹10.65 करोड़ विशेष रूप से पेंशन भुगतान के लिए तय किए गए हैं। सरकार के राशि स्वीकृति पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सहायक अनुदान गैर-वेतन मद के तहत पेंशन के लिए प्रस्तावित राशि का उपयोग केवल पेंशन मद में ही किया जाएगा। साथ ही कुलपति की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे वेतन और पेंशन भुगतान पर सभी सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त कर लें। यह निर्देश संकेत है कि सरकार ने पेंशन भुगतान को लेकर पहले से चली आ रही प्रशासनिक शिथिलता को गंभीरता से लिया है। पेंशन रुकने से दवा, भोजन व इलाज का था संकट इससे पहले सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक कल्याण संघ (RVWA) ने आरोप लगाया था कि सितंबर 2025 से पेंशन का भुगतान पूरी तरह ठप है। पेंशन रुकने से बुजुर्ग पेंशनभोगियों को दवा, भोजन और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। संघ ने यह भी दावा किया था कि आर्थिक तंगी और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कुछ पेंशनभोगियों की मौत हो गई। 10.65 करोड़ रुपए विशेष रूप से पेंशन भुगतान के लिए तय किए गए
बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन संकट से जुड़ी इन्वेस्टिगेटिव खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य सरकार स्तर पर हलचल तेज हो गई है। 22 जनवरी को ‘बीएएसयू में 91.67 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं, चार माह से पेंशन भी बंद’ शीर्षक से दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें पेंशन भुगतान में लगातार हो रही देरी, बुजुर्ग पेंशनभोगियों की बदहाल स्थिति और मौतों के मामले सामने आने के बाद ने 27 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए को कुल ₹39.16 करोड़ की राशि स्वीकृत की। इस राशि में से ₹10.65 करोड़ विशेष रूप से पेंशन भुगतान के लिए तय किए गए हैं। सरकार के राशि स्वीकृति पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सहायक अनुदान गैर-वेतन मद के तहत पेंशन के लिए प्रस्तावित राशि का उपयोग केवल पेंशन मद में ही किया जाएगा। साथ ही कुलपति की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे वेतन और पेंशन भुगतान पर सभी सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त कर लें। यह निर्देश संकेत है कि सरकार ने पेंशन भुगतान को लेकर पहले से चली आ रही प्रशासनिक शिथिलता को गंभीरता से लिया है। पेंशन रुकने से दवा, भोजन व इलाज का था संकट इससे पहले सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक कल्याण संघ (RVWA) ने आरोप लगाया था कि सितंबर 2025 से पेंशन का भुगतान पूरी तरह ठप है। पेंशन रुकने से बुजुर्ग पेंशनभोगियों को दवा, भोजन और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। संघ ने यह भी दावा किया था कि आर्थिक तंगी और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कुछ पेंशनभोगियों की मौत हो गई।  

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