जहानाबाद के रतनी प्रखंड अंतर्गत पत्तियावां गांव में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत से इलाके में शोक और आक्रोश है। इस घटना के बाद बिहार राज्य सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। होनहार छात्रा की असमय मौत से दुखद आयोग अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह ने मृत छात्रा के परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष और गंभीर जांच का भरोसा दिलाया। सिंह ने कहा कि एक होनहार छात्रा की असमय मौत अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला है, जिसे हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। महाचंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आयोग इस पूरे प्रकरण पर पैनी नजर बनाए हुए है, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके। मामले में प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए सिंह ने यह भी कहा कि बिहार सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह सतर्क है और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित परिवार ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष अपनी पीड़ा साझा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। परिजनों ने बताया कि छात्रा पढ़ाई में काफी मेधावी थी और उसका डॉक्टर बनने का सपना था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मुलाकात के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने आयोग अध्यक्ष को अब तक की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति से अवगत कराया। इस अवसर पर गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित रहे और सभी ने जल्द से जल्द न्याय की मांग की। गौरतलब है कि नीट छात्रा की मौत के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में है और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है। जहानाबाद के रतनी प्रखंड अंतर्गत पत्तियावां गांव में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत से इलाके में शोक और आक्रोश है। इस घटना के बाद बिहार राज्य सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। होनहार छात्रा की असमय मौत से दुखद आयोग अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह ने मृत छात्रा के परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष और गंभीर जांच का भरोसा दिलाया। सिंह ने कहा कि एक होनहार छात्रा की असमय मौत अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला है, जिसे हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। महाचंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आयोग इस पूरे प्रकरण पर पैनी नजर बनाए हुए है, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके। मामले में प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए सिंह ने यह भी कहा कि बिहार सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह सतर्क है और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित परिवार ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष अपनी पीड़ा साझा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। परिजनों ने बताया कि छात्रा पढ़ाई में काफी मेधावी थी और उसका डॉक्टर बनने का सपना था। उसकी अचानक हुई मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मुलाकात के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने आयोग अध्यक्ष को अब तक की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति से अवगत कराया। इस अवसर पर गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित रहे और सभी ने जल्द से जल्द न्याय की मांग की। गौरतलब है कि नीट छात्रा की मौत के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में है और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है।


