मुंबई मेट्रो हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, ठेकेदार और कंसल्टेंट पर 5 करोड़ का जुर्माना

मुंबई मेट्रो हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, ठेकेदार और कंसल्टेंट पर 5 करोड़ का जुर्माना

मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) इलाके में आज दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ, जब निर्माणाधीन मुंबई मेट्रो लाइन-4 के पिलर का एक बड़ा कंक्रीट हिस्सा (पैरापेट सेगमेंट) अचानक टूटकर नीचे एलबीएस मार्ग पर गुजर रहे एक ऑटो-रिक्शा पर गिर गया। इस दर्दनाक घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

ऑटो पर गिरा मेट्रो पिलर का हिस्सा

हादसा दोपहर करीब 12:15 से 12:20 बजे के बीच मुलुंड फायर स्टेशन के पास पियर P196 के निकट हुआ, जहां जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के सामने मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा था। गिरता हुआ सीमेंट का स्लैब (लगभग 6×4 फीट का) सीधे एक चलते ऑटो-रिक्शा पर आ गिरा, जिससे वह पूरी तरह चकनाचूर हो गया। एक पास की स्कोडा कार भी इसकी चपेट में आई और उसका बोनट कुचल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके जैसी आवाज आई और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, बीएमसी और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।

घायलों को बेहतर उपचार के निर्देश

एमएमआरडीए (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पैरापेट सेगमेंट की ऊंचाई से गिरने से ऑटो-रिक्शा प्रभावित हुआ। क्षेत्र को बैरिकेड कर सुरक्षित किया गया और संरचनात्मक सुरक्षा मूल्यांकन शुरू कर दिया गया। एमएमआरडीए के अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर अश्विन मुड़गल ने मौके का निरीक्षण किया, घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और डॉक्टरों से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फोर्टिस अस्पताल की टीम ने भी घायलों की स्वतंत्र जांच की।

सीएम फडणवीस ने जताया दुख

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। एमएमआरडीए ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता डायरेक्टर बासवराज एम. भद्रगोंड कर रहे हैं। समिति पिलर गिरने के सटीक कारण, सुरक्षा चूक और जिम्मेदारी तय करेगी।

एमएमआरडीए ने ठेकेदार पर ठोका 5 करोड़ का जुर्माना

प्रारंभिक जांच और जिम्मेदारी के आधार पर एमएमआरडीए ने सख्त कार्रवाई की। ठेकेदार राजवी मिलन इंफ्रा पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि जनरल कंसल्टेंट कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना। प्रभावित क्षेत्र में निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जांच पूरी होने पर ब्लैकलिस्टिंग और अनुबंध संबंधी कार्रवाई की जाएगी। एमएमआरडीए ने बयान में कहा, जन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच के निष्कर्षों पर सख्त जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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