गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के बसडिला गांव में देर रात एक महादलित परिवार की झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी और उसमें रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य भोजन कर सो रहे थे। अचानक आग लगने से पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। परिवार के लोग बच्चों के साथ घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन घर का सारा सामान नष्ट हो गया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठेला भी जलकर नष्ट हो गया
पीड़ित अर्जुन मांझी ठेला चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आग की चपेट में आने से उनका ठेला भी जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि सुबह करीब सात बजे तक घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब तक कोई प्रशासनिक सहायत नहीं मिल सकी
मौके पर पहुंचे स्थानीय सरपंच अशोक प्रसाद ने बताया कि लगभग एक माह पहले भी इसी तरह पास के एक घर में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन उस मामले में भी पीड़ित को अब तक कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह इलाका नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है और आए दिन यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। सरपंच ने कहा कि इसी इलाके में एक सरकारी विद्यालय भी स्थित है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को बाजार में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और झगड़ा किया गया था। इसकी सूचना कई बार नगर थाना को दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की
मुखिया प्रतिनिधि अरविंद मिश्र ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी तो वे पंचायत स्तर पर लोगों के विवादों का समाधान कैसे कर पाएंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है। गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के बसडिला गांव में देर रात एक महादलित परिवार की झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी और उसमें रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य भोजन कर सो रहे थे। अचानक आग लगने से पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। परिवार के लोग बच्चों के साथ घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन घर का सारा सामान नष्ट हो गया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठेला भी जलकर नष्ट हो गया
पीड़ित अर्जुन मांझी ठेला चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आग की चपेट में आने से उनका ठेला भी जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि सुबह करीब सात बजे तक घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… अब तक कोई प्रशासनिक सहायत नहीं मिल सकी
मौके पर पहुंचे स्थानीय सरपंच अशोक प्रसाद ने बताया कि लगभग एक माह पहले भी इसी तरह पास के एक घर में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन उस मामले में भी पीड़ित को अब तक कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह इलाका नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है और आए दिन यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। सरपंच ने कहा कि इसी इलाके में एक सरकारी विद्यालय भी स्थित है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गुरुवार को बाजार में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और झगड़ा किया गया था। इसकी सूचना कई बार नगर थाना को दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की
मुखिया प्रतिनिधि अरविंद मिश्र ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी तो वे पंचायत स्तर पर लोगों के विवादों का समाधान कैसे कर पाएंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।


