Double-Decker Cruise In Pichola Lake: उदयपुर के पिछोला झील में 5 साल से बंद पड़ा डबल डेकर क्रूज अब एक बार फिर झील में उतरने की तैयारी में है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने इसे दोबारा चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। प्रशासन का दावा है कि यह क्रूज इस बार पेट्रोल-डीजल नहीं बल्कि सोलर ऊर्जा से संचालित होगा और इसमें किसी तरह के कमरे नहीं बनाए जाएंगे। डबल डेकर क्रूज में एक साथ 150 लोग सवार होकर कई घंटे तक झील में रहेंगे लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी खड़ा है, इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों से निकलने वाले वेस्ट और ड्रेनेज का निस्तारण आखिर कैसे होगा?
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि क्रूज में उत्पन्न होने वाले वेस्ट का निस्तारण वायुयान और समुद्री जहाजों की तर्ज पर सक्शन मशीन के माध्यम से पूरी तरह नियमों के अनुसार किया जाएगा। यदि इस व्यवस्था की सख्ती से पालना होती है तो न केवल शहरवासियों और पर्यटकों को क्रूज के रूप में नया आकर्षण मिलेगा बल्कि नगर निगम के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। यह निर्णय मंगलवार को जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय झील विकास समिति की त्रेमासिक बैठक में हुआ।
उदयपुर की झीलों को प्रदूषण से मुक्त रखने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेट्रोल-डीजल चालित नावों को बंद करने, झील पेट्रोलिंग, मत्स्य ठेकों और झील संरक्षण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक मे निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए आयुक्त राहुल जैन, एडीएम सिटी जितेन्द्र ओझा सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
ये 3 बड़े निर्णय
1- नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल नावों को लाइसेंस: झीलों में पेट्रोल-डीजल चालित नावों के नए लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे। इन नावों को क्रमबद्ध तरीके से बंद कर सीज किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग को पाबंद किया गया, नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बड़े होटल संचालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगें। पिछोला-फतहसागर सहित सभी झीलों में न्यायालय के आदेशों के अनुरूप इको फ्रेंडली बोट ही चलेगी।
2- सूर्यास्त तक ही होगी बोटिंग, सुरक्षा नहीं होने पर होगी जब्ती: झीलों में बोट के संचालन के नियम में सख्ती की गई है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशिक्षित होमगार्ड की नियुक्ति की जाएगी। वे झील में लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। सूर्यास्त के बाद नाव का संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। किसी भी बोट में सुरक्षा के आवश्यक उपकरण नहीं होने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
3- मत्स्य ठेकों पर संतुलित फैसला: पिछोला, फतहसागर व बड़ी झील में मत्स्य ठेके बंद करने के मुद्दे आंशिक मत्स्याखेट के ठेके देने पर विचार किया जा रहा है अधिकारियों का कहना था कि झील संरक्षण से जुड़े लोगों की आपत्ति व मछलियों की अत्यधिक संख्या बढऩे की आशंका इस पर वार्ता कर निर्णय लेंगे।
राजस्थान पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
पिछोला झील में नगर निगम ने गत 29 मार्च 2021 को होली के छुट्टी वाले दिन क्रूज को चोरी छिपे उतारने की स्वीकृति दे दी थी। यह क्रूज पेट्रोल-डीजल से संचालित होना था। इसमें कमरे बनाए जा रहे थे तथा ड्रेनेज को लेकर कोई सिस्टम तय नहीं किया था। राजस्थान पत्रिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता प्रकाशित किया। पिछोला की झील पेयजल की होने से लोगों की इसका विरोध किया और बाद में यह क्रूज नहीं चल पाया। अभी तक यह क्रूज पानी में खड़ा है। अब प्रशासन इसे सोलर से चलाने की हरी झंडी दे रहा है तथा साथ ही दावा कर रहा है कि इसमें कमरे नहीं होंगे तथा वेस्ट का निस्तारण नियमों से होगा।


