खानपुर (झालावाड़)। 16 फरवरी को भारत से नजफ और कर्बला की धार्मिक यात्रा पर गए जायरीनों में से करीब 700 भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब डेढ़ महीने तक विपरीत परिस्थितियों में फंसे रहने के बाद अब उनकी स्वदेश वापसी का रास्ता खुल गया है। इस खबर से उनके परिजनों और समाज में खुशी का माहौल है और सभी ने राहत की सांस ली है।
700 जायरीन जॉर्डन की ओर रवाना
झालावाड़ के प्रमुख व्यवसायी एवं इस यात्रा में शामिल कुतुबुद्दीन बोहरा ने बताया कि उनके धर्मगुरु के प्रयासों से सोमवार रात करीब 11 बजे 13 बसों में सवार होकर करीब 700 जायरीन जॉर्डन की ओर रवाना हो गए। यह जत्था मंगलवार देर रात करीब दो बजे जॉर्डन पहुंचेगा।
बोहरा ने बताया कि उनके साथ के आधे से अधिक जायरीनों के पास अब किराए तक के पैसे नहीं बचे हैं। इसके बावजूद धर्मगुरु की ओर से करीब 900 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान ठहरने, भोजन, नाश्ता और मेडिकल सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
हवाई मार्ग से मुंबई के लिए प्रस्थान करेंगे
उन्होंने बताया कि जॉर्डन में एक दिन रुकने के बाद सभी जायरीन वहां की राजधानी अम्मान से काहिरा (मिस्र) के लिए रवाना होंगे। काहिरा में अल्प विश्राम के बाद वे हवाई मार्ग से मुंबई के लिए प्रस्थान करेंगे और 3 अप्रेल तक भारत पहुंचने की संभावना है। लंबे समय से अपनों की राह देख रहे परिजनों के लिए यह खबर बेहद सुकून देने वाली है।
जायरीनों की सकुशल वापसी की दुआ
स्थानीय स्तर पर भी इस खबर से खुशी का माहौल है और लोग जायरीनों की सकुशल वापसी की दुआ कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 16 फरवरी को भारत से करीब 2600 जायरीन इराक की यात्रा पर गए थे, जो खाड़ी युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते कर्बला में फंसे हुए थे। अब उनके लौटने का रास्ता साफ हो गया है।
राजस्थान पत्रिका का आभार जताया
बोहरा ने इस कठिन समय में उनकी आवाज उठाने के लिए राजस्थान पत्रिका का आभार जताया। साथ ही परिवारजनों, बोहरा समाज और खानपुर के सर्व समाज की दुआओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।


