Rajasthan export growth: जयपुर. राजस्थान का निर्यात क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों और उद्योग हितैषी फैसलों के चलते प्रदेश का एक्सपोर्ट ग्रोथ रेट लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार के डीजीसीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ही राजस्थान से 50 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात दर्ज किया गया है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती का बड़ा संकेत है।
वर्ष 2024-25 में प्रदेश से कुल 97 हजार 171 करोड़ रुपए का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष 2023-24 के मुकाबले 13 हजार 467 करोड़ रुपए अधिक है। यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य के उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
राजस्थान की पांच प्रमुख निर्यातक वस्तुओं—इंजीनियरिंग सामान, रत्न एवं आभूषण, धातु, वस्त्र और हस्तशिल्प—का कुल निर्यात में 67 प्रतिशत से अधिक योगदान है। टेक्सटाइल सेक्टर में 9,700 करोड़ रुपए, रत्न एवं आभूषण में 17,567 करोड़ रुपए तथा इंजीनियरिंग सेक्टर में 19,849 करोड़ रुपए का निर्यात दर्ज किया गया है। वहीं धातु और हस्तशिल्प क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
राज्य सरकार ने कृषि निर्यात को भी प्राथमिकता दी है। मसाला उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘कॉन्क्लेव ऑन स्पाइसेज’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही किसानों, प्रोसेसर्स और व्यापारियों को प्रशिक्षण देकर निर्यात क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए ‘राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024’ लागू की गई है। सिंगल विंडो क्लियरेंस, दस्तावेजी सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन और विपणन समर्थन जैसे प्रावधानों से उद्यमियों को राहत मिली है। इससे प्रदेश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी गति मिल रही है।
स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों की सूची में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।


