नालंदा जिले की प्रतिभावान लड़कियों के लिए खेल के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। जिला प्रशासन ने बिंद प्रखंड में विशेष ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। जहां एथलेटिक्स, फुटबॉल और तीरंदाजी में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने खेल विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार उच्च विद्यालय बिंद के खेल मैदान को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चयनित किया है। यह केंद्र पूरी तरह से बालिका वर्ग को समर्पित होगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। आवासीय सुविधा के साथ समग्र विकास इस केंद्र की खास बात यह है कि यहां खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रहने और भोजन की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय बिंद के छात्रावास में प्रारंभिक चरण में 30 से 50 खिलाड़ियों के ठहरने की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की वे प्रतिभाएं भी लाभान्वित हो सकेंगी, जिनके पास संसाधनों की कमी के कारण अपनी क्षमता को निखारने के अवसर नहीं मिल पाते। तीन खेलों में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन प्रमुख खेल एथलेटिक्स, फुटबॉल और आर्चरी (तीरंदाजी) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस केंद्र में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता में परियोजना जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सेंटर के सफल संचालन के लिए समस्त आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य जिले में छिपी खेल प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तराशना है। नालंदा जिले की प्रतिभावान लड़कियों के लिए खेल के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। जिला प्रशासन ने बिंद प्रखंड में विशेष ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। जहां एथलेटिक्स, फुटबॉल और तीरंदाजी में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने खेल विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार उच्च विद्यालय बिंद के खेल मैदान को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चयनित किया है। यह केंद्र पूरी तरह से बालिका वर्ग को समर्पित होगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। आवासीय सुविधा के साथ समग्र विकास इस केंद्र की खास बात यह है कि यहां खिलाड़ियों को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रहने और भोजन की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय बिंद के छात्रावास में प्रारंभिक चरण में 30 से 50 खिलाड़ियों के ठहरने की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की वे प्रतिभाएं भी लाभान्वित हो सकेंगी, जिनके पास संसाधनों की कमी के कारण अपनी क्षमता को निखारने के अवसर नहीं मिल पाते। तीन खेलों में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन प्रमुख खेल एथलेटिक्स, फुटबॉल और आर्चरी (तीरंदाजी) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस केंद्र में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता में परियोजना जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सेंटर के सफल संचालन के लिए समस्त आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य जिले में छिपी खेल प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तराशना है।


