Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र की करीब दो करोड़ महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने साफ कर दिया है कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) बंद नहीं होगी, बल्कि पहले की तरह जारी रहेगी। महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले की गई इस घोषणा ने योजना के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है।
विपक्ष के सवालों पर सीधा जवाब
रविवार को बजट सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित पारंपरिक चाय बैठक और कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और इसका असर जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि योजना को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। सरकार कल्याणकारी योजनाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हर महीने 1500 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) के तहत पात्र महिला लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का दावा है कि इस पहल ने लाखों परिवारों को राहत दी है और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
शिंदे ने भरोसा दिलाया कि लाडकी बहीन योजना आगे भी जारी रहेगी और आगामी बजट में नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
6 मार्च को पेश होगा बजट
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 25 मार्च 2026 तक चलेगा। राज्य का वार्षिक बजट 6 मार्च को विधानसभा में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुष्टि की है कि वे खुद बजट पेश करेंगे।
फडणवीस ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को मिलने वाले वित्तीय हस्तांतरण में 20 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी।
महिलाओं की उम्मीदें बरकरार
लाडकी बहीन योजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से असमंजस का माहौल था। लेकिन उपमुख्यमंत्री की इस स्पष्ट घोषणा के बाद लाखों महिलाओं ने राहत की सांस ली है।
अब सबकी नजर 6 मार्च को पेश होने वाले बजट पर है, जहां यह देखना अहम होगा कि योजना को आगे और किस तरह मजबूती दी जाती है। फिलहाल इतना तय है कि राज्य की करोड़ों लाडली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की किस्त मिलती रहेगी।
62 लाख लाडली बहनों का कटा नाम
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब केवल 1.90 करोड़ पात्र महिलाएं ही इस सूची में बची हैं। इसका मतलब है कि लगभग 62 लाख आवेदकों को अपात्र होने पर योजना से बाहर कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में दी जाती है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।


