Gold Vs Silver Vs Share Market: सोने-चांदी की कीमतों में उच्च स्तर से तेज गिरावट आई है। साथ ही शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में निवेशक इन तीनों एसेट क्लास में निचले स्तर पर खरीदारी करने की सोच सकते हैं। पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और एसेट एलोकेन के दौरान निवेशकों के लिए यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि सोना, चांदी और इक्विटी में से किसमें कितना इन्वेस्ट किया जाए।
कंफ्यूजन की ऐसी स्थिति में गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो काफी महत्वपूर्ण फॉर्मूले साबित होते हैं। इनसे आप अपने निवेश से जुड़े सही फैसले ले सकते हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो
इस समय निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो लगभग 1.63 है। जब यह रेश्यो 2.50 से नीचे होता है, तो इसका मतलब है कि गोल्ड ओवरवेट है और इक्विटी डिस्काउंट पर उपलब्ध है। सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि इस समय निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो काफी कम है, इसलिए मौजूदा स्थिति में गोल्ड के बजाय स्टॉक्स में अधिक निवेश करना चाहिए।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो
पेस 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रेटेजिस्ट अमित गोयल ने कहा, “कॉमेक्स पर गोल्ड का भाव 5,080 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर का भाव 82.345 डॉलर प्रति औंस है। इससे गोल्ड-सिल्वर रेश्यो लगभग 61.70 बनता है। ध्यान रखें कि इस रेश्यो में 80 एक महत्वपूर्ण लेवल होता है।”
गोयल के अनुसार, यदि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 80 से ऊपर जाता है, तो सिल्वर को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं, अगर गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 80 से नीचे रहता है, तो गोल्ड को प्राथमिकता देनी चाहिए। चूंकि वर्तमान में यह रेश्यो लगभग 61 है, इसलिए सिल्वर के बजाय गोल्ड में निवेश करना बेहतर माना जा रहा है।
किस एसेट में निवेश करना बेहतर?
मौजूदा बाजार स्थिति में पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन करते समय निवेशकों को सबसे अधिक निवेश इक्विटी में करना चाहिए। इसके बाद गोल्ड में और फिर सिल्वर में निवेश करना चाहिए।
रिस्की एसेट में इन्वेस्ट करने का फॉर्मूला
उधर ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के सीईओ पंकज माथपाल ने रिस्की एसेट्स में निवेश के प्रतिशत पर बात करते हुए कहा, “इक्विटी, गोल्ड और सिल्वर जैसे जोखिम वाले एसेट में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका है अपनी उम्र को 100 में से घटाना। उदाहरण के लिए, अगर आपकी उम्र 35 वर्ष है, तो आपको 65% (100-35) निवेश जोखिम वाले एसेट में करना चाहिए और बाकी 35% निवेश सुरक्षित या डेट एसेट में करना चाहिए। यह फॉर्मूला उम्र बढ़ने के साथ जोखिम को कम करने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।


