Gold Price Outlook: 17% टूट गई हैं सोने की कीमतें, क्या यही है खरीदने का सही समय? एक्सपर्ट्स से समझिए

Gold Price Outlook: 17% टूट गई हैं सोने की कीमतें, क्या यही है खरीदने का सही समय? एक्सपर्ट्स से समझिए

Gold Price Outlook Gold Rate Today: ईरान युद्ध पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है। फिर भी सोना रिकॉर्ड हाई से 31,000 रुपये नीचे है। यह सोचने वाली बात है। कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव इस हफ्ते 4,679.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ है। MCX पर भारत में सोने की कीमत 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई हैं। जबकि रिकॉर्ड उच्चतम स्तर 1,80,779 रुपये था। यानी कीमतें 17 फीसदी नीचे हैं। इस हफ्ते सोने में 2.2 फीसदी की बढ़त जरूर आई, लेकिन यह उम्मीद से काफी कम है। आइए जानते हैं कि युद्ध के बीच भी सोना उच्च स्तर से इतना नीचे क्यों है?

तेल ने बिगाड़ा सोने का खेल

एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा बताती हैं कि इस हफ्ते कच्चा तेल 10 फीसदी से ज़्यादा उछला। तेल महंगा होने से महंगाई का डर बढ़ा। महंगाई बढ़ी तो फेड के ब्याज दर कटौती की उम्मीद कम हुई। ब्याज दर ऊंची रहेगी तो डॉलर मजबूत रहेगा। और डॉलर मजबूत होने पर सोना दबता है। यह वही उलझन है जो पिछले कुछ हफ्तों से चल रही है। जंग का डर सोने को ऊपर खींचता है, लेकिन जंग की वजह से महंगे तेल का डर उसे नीचे धकेल रहा है। 28 फरवरी को ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से सोना काफी गिर चुका है। यह बताता है कि निवेशक इस बार डॉलर को सोने से ज़्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।

ट्रंप के भाषण के बाद सीजफायर की उम्मीद खत्म

ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए अगले दो से तीन हफ्ते और हमलों की बात कही। इससे सीजफायर की जो हल्की सी उम्मीद थी वो चकनाचूर हो गई। कच्चा तेल भड़क उठा। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर कहते हैं कि बाजार अभी सतर्क मोड में है। इसीलिए सोने में तेज खरीदारी नहीं हो रही और रैली सीमित रह रही है।

अमेरिकी नौकरियों के आंकड़े भी कम अनुकूल रहे

मार्च में अमेरिका में 1,78,000 नौकरियां पैदा हुईं, जबकि अनुमान सिर्फ 65,000 का था। बेरोज़गारी दर 4.3 फीसदी रही। यह 4.4 के पूर्वानुमान से बेहतर है। मजबूत जॉब मार्केट का मतलब है फेड जल्दी ब्याज दरें नहीं घटाएगा। यह भी सोने की चाल को रोक रहा है। मार्च में गोल्ड ETF से पैसा बाहर निकलता रहा जो बताता है कि बड़े निवेशक सोने को लेकर उत्साहित नहीं हैं।

PC: AI

ट्रेडर्स के लिए जरूरी लेवल्स

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक घरेलू बाजार में 1,57,600 से 1,58,800 रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,800 से 4,880 डॉलर मजबूत रुकावट के स्तर हैं। जब तक ये लेवल नहीं टूटते ऊपर जाना मुश्किल है। नीचे की तरफ 4,400 डॉलर और 1,44,000 से 1,45,000 रुपये अहम सपोर्ट लेवल्स हैं।

पोनमुडी का कहना है कि COMEX पर 4,700 से 4,750 डॉलर के बीच रुकावट है। अगर 4,800 डॉलर मजबूती से टूटा तो 4,850 और फिर 4,900 डॉलर तक रास्ता खुल सकता है। वहीं, 4,600 से नीचे गया तो 4,400 तक गिरावट संभव है। फिलहाल सोना न तेजी से ऊपर जा रहा है, न नीचे। तेल के दाम और डॉलर की चाल जो तय करेगी, सोना वही करेगा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में अभी एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। हर गिरावट पर छोटी-छोटी खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग टर्म के निवेशकों के लिए अच्छा मौका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *