गोड्डा के पथरगामा अंचल की गेरूवा नदी में जारी अवैध बालू खनन को लेकर सियासत गरमा गई है। पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने गोड्डा डीसी को पत्र लिखकर जिले के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि पिछले छह महीनों से गेरूवा नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू उठाव हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे खेल में स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है, जिससे कानून व्यवस्था और खनन नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रति डंपर ₹18,500 वसूली, रोजाना 27 लाख की उगाही विधायक ने पत्र में आरोप लगाया है कि अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाले ही इसमें संलिप्त हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा प्रति डंपर या हाइवा ₹18,500 की वसूली की जा रही है। इसके बदले बालू माफियाओं को निर्बाध खनन की छूट दी जा रही है। विधायक के अनुसार, प्रतिदिन करीब 150 डंपर बालू की ढुलाई कर रहे हैं, जिससे रोजाना लगभग ₹27,75,000 की अवैध वसूली हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में यह राशि करोड़ों से बढ़कर अरबों तक पहुंचने की आशंका है। यही कारण है कि जिला खनन टास्क फोर्स और अनुमंडल स्तर की टीमें कार्रवाई करने से बच रही हैं। खनन से पर्यावरण पर असर, गांवों में जलस्तर गिरा विधायक ने चेताया कि अनियंत्रित खनन से गेरूवा नदी और आसपास का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सनातन घाट से सिमरिया चकवा घाट तक स्थिति गंभीर बनी हुई है। नदी से अत्यधिक बालू निकासी के कारण आसपास के गांवों का जलस्तर तेजी से गिरा है। खेतों की नमी खत्म हो रही है। सिंचाई के प्राकृतिक स्रोत सूखते जा रहे हैं। इससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। विधायक ने प्रशासन से तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। —————————————— इसे भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर : क्या झारखंड में टूटेगी JMM-कांग्रेस की दोस्ती:कांग्रेस ने समर्थन वापस लिया तो क्या गिरेगी हेमंत सरकार, भाजपा की वापसी की कितनी संभावनाएं सीन वन – बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही खटपट शुरू हो गई थी। इस चुनाव में JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) को सीट नहीं मिली। इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया।
सीन टू – असम चुनाव में झामुमो ने कांग्रेस के आग्रह को अनसुना करते हुए 21 प्रत्याशियों को उतार दिया।
सीन थ्री – जेएमएम ने कांग्रेस को विषैला सांप कहा। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला
ये तीन स्थितियां हैं, जो बता रही हैं कि झारखंड सरकार में शामिल JMM और कांग्रेस के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टियों की ओर से बयानबाजी बता रही है कि दोनों पार्टियों के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। कांग्रेस जहां खनन माफिया, जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी ही सरकार को घेरे में ले रही है तो वहीं JMM कांग्रेस को विषैला सांप बता रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… गोड्डा के पथरगामा अंचल की गेरूवा नदी में जारी अवैध बालू खनन को लेकर सियासत गरमा गई है। पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने गोड्डा डीसी को पत्र लिखकर जिले के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि पिछले छह महीनों से गेरूवा नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू उठाव हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे खेल में स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है, जिससे कानून व्यवस्था और खनन नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रति डंपर ₹18,500 वसूली, रोजाना 27 लाख की उगाही विधायक ने पत्र में आरोप लगाया है कि अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाले ही इसमें संलिप्त हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा प्रति डंपर या हाइवा ₹18,500 की वसूली की जा रही है। इसके बदले बालू माफियाओं को निर्बाध खनन की छूट दी जा रही है। विधायक के अनुसार, प्रतिदिन करीब 150 डंपर बालू की ढुलाई कर रहे हैं, जिससे रोजाना लगभग ₹27,75,000 की अवैध वसूली हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में यह राशि करोड़ों से बढ़कर अरबों तक पहुंचने की आशंका है। यही कारण है कि जिला खनन टास्क फोर्स और अनुमंडल स्तर की टीमें कार्रवाई करने से बच रही हैं। खनन से पर्यावरण पर असर, गांवों में जलस्तर गिरा विधायक ने चेताया कि अनियंत्रित खनन से गेरूवा नदी और आसपास का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सनातन घाट से सिमरिया चकवा घाट तक स्थिति गंभीर बनी हुई है। नदी से अत्यधिक बालू निकासी के कारण आसपास के गांवों का जलस्तर तेजी से गिरा है। खेतों की नमी खत्म हो रही है। सिंचाई के प्राकृतिक स्रोत सूखते जा रहे हैं। इससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। विधायक ने प्रशासन से तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। —————————————— इसे भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर : क्या झारखंड में टूटेगी JMM-कांग्रेस की दोस्ती:कांग्रेस ने समर्थन वापस लिया तो क्या गिरेगी हेमंत सरकार, भाजपा की वापसी की कितनी संभावनाएं सीन वन – बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही खटपट शुरू हो गई थी। इस चुनाव में JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) को सीट नहीं मिली। इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया।
सीन टू – असम चुनाव में झामुमो ने कांग्रेस के आग्रह को अनसुना करते हुए 21 प्रत्याशियों को उतार दिया।
सीन थ्री – जेएमएम ने कांग्रेस को विषैला सांप कहा। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला
ये तीन स्थितियां हैं, जो बता रही हैं कि झारखंड सरकार में शामिल JMM और कांग्रेस के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टियों की ओर से बयानबाजी बता रही है कि दोनों पार्टियों के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। कांग्रेस जहां खनन माफिया, जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी ही सरकार को घेरे में ले रही है तो वहीं JMM कांग्रेस को विषैला सांप बता रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…


