Innovation: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने वैश्विक स्तर पर तकनीकी आत्मनिर्भरता और सहयोग को लेकर अपनी दूरदर्शी सोच साझा की है। मॉस्को में आयोजित रूसी उद्योगपतियों और उद्यमियों के संघ (RSPP) के सम्मेलन के दौरान पुतिन ने ब्रिक्स (BRICS) देशों के साथ गहरे तकनीकी तालमेल (Technical Cooperation) पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platforms) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। क्रेमलिन (Kremlin) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने घरेलू व्यापारिक समुदाय (Business Community) से आग्रह किया है कि वे नई बनी राष्ट्रीय समिति में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करें।
तीन प्रमुख तकनीकों पर विशेष ध्यान (Focus on Key Technologies)
राष्ट्रपति पुतिन ने भविष्य की विकास रणनीति को तीन स्तंभों पर आधारित बताया है। उन्होंने कहा कि रूस विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platforms) जैसी अंतर-क्षेत्रीय तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुतिन के अनुसार, ये प्रौद्योगिकियां न केवल रूसी उद्योग का आधुनिकीकरण (Modernization) करेंगी, बल्कि ब्रिक्स देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को भी एक नई दिशा प्रदान करेंगी। सरकार उन व्यवसायों को निरंतर प्रोत्साहन और समर्थन प्रदान करेगी जो स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने के लिए निवेश कर रहे हैं।
नई राष्ट्रीय समिति का गठन और नेतृत्व (National Committee and Leadership)
ब्रिक्स के भीतर आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को गति देने के लिए रूस ने एक “राष्ट्रीय समिति” का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता राष्ट्रपति के कार्यकारी कार्यालय के उप मुख्य अधिकारी मैक्सिम ओरेशकिन (Maxim Oreshkin) को सौंपी गई है। मैक्सिम ओरेशकिन राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि के रूप में ब्रिक्स देशों और नव विकास बैंक (New Development Bank) के साथ समन्वय का कार्य भी संभाल रहे हैं। इस समिति में रूस की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर नवाचार और रसद (Logistics) जैसे क्षेत्रों में बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
एशिया-प्रशांत और यूरेशिया के साथ बढ़ती संभावनाएं (Growth in Eurasia and Asia-Pacific)
व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में एशिया-प्रशांत (Asia-Pacific) और दक्षिणी यूरेशिया जैसे क्षेत्रों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र वर्तमान में दुनिया में सबसे तेजी से विकसित हो रहे हैं और इन देशों के साथ सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ब्रिक्स समूह इन संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करता है। पुतिन ने आरएसपीपी (RSPP) के सदस्यों से अपील की कि वे न केवल रूस के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल (BRICS Business Council) में देश की भूमिका को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करें।
पुतिन का ‘ग्लोबल साउथ’ और ब्रिक्स की ओर यह झुकाव
पुतिन का यह कदम पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस को तकनीकी रूप से स्वतंत्र बनाने और ब्रिक्स सहयोगियों के साथ एक वैकल्पिक आर्थिक तंत्र खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एआई और स्वायत्त प्रणालियों पर जोर देना रूस की भविष्य की रणनीतिक तैयारियों को दर्शाता है। आने वाले महीनों में इस राष्ट्रीय समिति के माध्यम से होने वाले समझौतों और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों (भारत, चीन, ब्राजील आदि) की इस पर प्रतिक्रिया देखना महत्वपूर्ण होगा। क्या ब्रिक्स देश मिलकर एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे? एक तरफ जहाँ अमेरिका और यूरोपीय देश रूस पर तकनीकी अंकुश लगाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पुतिन का ‘ग्लोबल साउथ’ और ब्रिक्स की ओर यह झुकाव वैश्विक व्यापार संतुलन को बदल सकता है।


