बीआरएबीयू के पीजी गृह विज्ञान विभाग एवं पिडिलाइट संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्वविद्यालय के दिनकर भवन में हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने किया। उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सृजनात्मक चिंतन का सशक्त माध्यम है। गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित छह दिवसीय हस्तशिल्प कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक कौशल विकसित करना और उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को पारंपरिक एवं आधुनिक हस्तशिल्प तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे भविष्य में इन कलाओं को उद्यम के रूप में भी अपना सकें। प्रीति प्रथम, शिवानी द्वितीय और खुशबू को तीसरा स्थान इस प्रकार प्रदर्शनी में भारतीय लोक परंपराओं और समकालीन रचनात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला। विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया। समस्त विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रीति कुमारी (प्रथम), शिवानी कुमारी (द्वितीय) एवं खुशबू कुमारी (तृतीय) को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की सदस्य डॉ. संगीता रानी, रेनू कुमारी, डॉ. कुसुम कुमारी, डॉ. विदिशा मिश्रा, डॉ. अंजलि चंद्रा, डॉ. श्वेता व अर्जुन शर्मा आदि थे। बीआरएबीयू के पीजी गृह विज्ञान विभाग एवं पिडिलाइट संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्वविद्यालय के दिनकर भवन में हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने किया। उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सृजनात्मक चिंतन का सशक्त माध्यम है। गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित छह दिवसीय हस्तशिल्प कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक कौशल विकसित करना और उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को पारंपरिक एवं आधुनिक हस्तशिल्प तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे भविष्य में इन कलाओं को उद्यम के रूप में भी अपना सकें। प्रीति प्रथम, शिवानी द्वितीय और खुशबू को तीसरा स्थान इस प्रकार प्रदर्शनी में भारतीय लोक परंपराओं और समकालीन रचनात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला। विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया। समस्त विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रीति कुमारी (प्रथम), शिवानी कुमारी (द्वितीय) एवं खुशबू कुमारी (तृतीय) को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की सदस्य डॉ. संगीता रानी, रेनू कुमारी, डॉ. कुसुम कुमारी, डॉ. विदिशा मिश्रा, डॉ. अंजलि चंद्रा, डॉ. श्वेता व अर्जुन शर्मा आदि थे।


