छात्रा की हत्या के 55 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आक्रोशित लोग गिरफ्तारी से कम पर मानने को तैयार नहीं। सोमवार को कोलायत और नोखा में प्रतीकात्मक बाजार बंद कर ज्ञापन दिया गया। जिला कलेक्टर और एसपी के साथ ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की वार्ता विफल रही। रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में 21 फरवरी को 8वीं बोर्ड परीक्षा देने घर से निकली छात्रा परीक्षा केंद्र नहीं पहुंची। परीक्षा केंद्र पर छात्रा के नहीं पहुंचने पर स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों को सूचना मिलने पर तलाश शुरू की गई, जिसके बाद जंगल में उसका अर्धनग्न शव मिला। इस घटना से पूरा क्षेत्र आक्रोशित है। शव 22 फरवरी से बज्जू के उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा है। घटना के 55 घंटे के बाद सोमवार रात 8 बजे तक पोस्टमार्टम पर सहमति नहीं बनी। वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने एक बार कुछ समय के लिए सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया लेकिन बाद में समझाइश के बाद हटाया। सोमवार को जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने बज्जू के उप जिला अस्पताल के मीटिंग हॉल में 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से पोस्टमार्टम को लेकर वार्ता की। इस प्रतिनिधिमंडल में जैसला धाम के महंत रामाचार्य महाराज, पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया सहित प्रमुख लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपए की सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का पोस्टमार्टम न कराने की मांग रखी। वार्ता के दौरान एसपी कावेंद्र सागर ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की सबसे प्रभावी पुलिस टीमें मामले को सुलझाने में लगी हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने अपील की कि समय बीतने के साथ शव से साक्ष्य मिटने की आशंका रहती है। उन्होंने जोर दिया कि जल्द पोस्टमार्टम होने से आरोपियों को पकड़ने और सजा दिलाने में मदद मिलेगी। लेकिन वार्ता में सहमति नहीं बनी। इस घटना को लेकर क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। उधर कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने राज्य सरकार के गृह मंत्री से मिले व घटना की जानकारी दी गई। इस पर गृह मंत्री ने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि घटना को लेकर जल्द कार्रवाई की जाए।


