कैमूर जिले के चंद प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुढ़नु में पिछले एक सप्ताह से प्रार्थना के दौरान छात्राओं के बेहोश होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार को भी स्कूल प्रांगण में प्रार्थना के समय कई छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं। चिकित्सा जांच में छात्राओं में कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को इसका मुख्य कारण बताया गया है। मंगलवार को बेहोश होने वाली छात्राओं में कक्षा 8 की सुमन कुमारी, कक्षा 7 की सुविधा कुमारी, कक्षा 5 की सरिता कुमारी और सलोनी कुमारी, तथा कक्षा 6 की आरती कुमारी शामिल थीं। यह सिलसिला लगभग एक सप्ताह से जारी है। प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार, सहायक शिक्षक रविंद्र सिंह और मुखिया प्रतिनिधि गुड्डू सिंह ने बताया कि इस घटना की सूचना चिकित्सा पदाधिकारी को दी गई थी। सूचना मिलने के बाद चिकित्सा टीम ने विद्यालय का दौरा कर छात्राओं की जांच की। घटना से जुड़ी तस्वीरें… छात्राओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि प्रभावित छात्राओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। उन्हें ग्लूकोज दिए जाने के बाद उनकी तबीयत में सुधार देखा गया। प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। शुरुआत में ग्रामीणों में कुछ अफवाहें भी फैली थीं, लेकिन चिकित्सकीय जांच से यह स्पष्ट हो गया कि कमजोरी ही बेहोशी का मुख्य कारण है। विद्यालय में स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। कैमूर जिले के चंद प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुढ़नु में पिछले एक सप्ताह से प्रार्थना के दौरान छात्राओं के बेहोश होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार को भी स्कूल प्रांगण में प्रार्थना के समय कई छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं। चिकित्सा जांच में छात्राओं में कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को इसका मुख्य कारण बताया गया है। मंगलवार को बेहोश होने वाली छात्राओं में कक्षा 8 की सुमन कुमारी, कक्षा 7 की सुविधा कुमारी, कक्षा 5 की सरिता कुमारी और सलोनी कुमारी, तथा कक्षा 6 की आरती कुमारी शामिल थीं। यह सिलसिला लगभग एक सप्ताह से जारी है। प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार, सहायक शिक्षक रविंद्र सिंह और मुखिया प्रतिनिधि गुड्डू सिंह ने बताया कि इस घटना की सूचना चिकित्सा पदाधिकारी को दी गई थी। सूचना मिलने के बाद चिकित्सा टीम ने विद्यालय का दौरा कर छात्राओं की जांच की। घटना से जुड़ी तस्वीरें… छात्राओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि प्रभावित छात्राओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। उन्हें ग्लूकोज दिए जाने के बाद उनकी तबीयत में सुधार देखा गया। प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। शुरुआत में ग्रामीणों में कुछ अफवाहें भी फैली थीं, लेकिन चिकित्सकीय जांच से यह स्पष्ट हो गया कि कमजोरी ही बेहोशी का मुख्य कारण है। विद्यालय में स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।


