बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जहां पीड़िता का अपहरण करके आरोपी उसे कोलकाता ले गया था। 24 घंटे बाद वह खुद उसे गांव वापस छोड़ा। पीड़िता घर से प्रैक्टिकल कॉपी लाने के लिए साइकिल से निकली थी, जहां रास्ते में ही 4 युवकों ने उसका अपहरण किया था। बेहोशी के हालात में उसे गाड़ी में बैठाया और फिर कार से कोलकाता ले गए। ये मामला समस्तीपुर के पटोरी थाना का है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस उसकी बात नहीं सुन रही है और अपराधी खुले में घूम रहे हैं इसलिए वह महिला आयोग पहुंची है। घर से 200 रुपए लेकर निकाली थी छात्रा पीड़िता ने बताया कि 7 दिसंबर को करीब 1:30 बजे मैं घर से प्रैक्टिकल कॉपी लेने के लिए बाजार निकली थी। मेरी मां ने मुझे 200 रुपए दिए थे। मैंने मां को कहा था कि मैं आधे घंटे में वापस आ जाऊंगी। मगर रास्ते में ट्विंकल, गोलू, मंटू और संतोष ने मुझे रास्ते में घेर लिया और मुझे बेहोश कर मेरा अपहरण किया। जब मेरी आंख खुली तो गाड़ी में सिर्फ ट्विंकल और एक ड्राइवर था, जिसे मैं नहीं पहचानती थी। मैं शोर करने वाली थी लेकिन उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी। 2 साल पहले युवकों ने छात्रा के साथ की थी छेड़खानी दूसरी ओर जब मैं शाम तक घर नहीं आई तो मेरे परिवार वाले चिंता करने लगे। घर से बाजार करीब 10 मिनट की दूरी पर था और मैं 6 घंटे से घर नहीं लौटी थी। मेरे परिवार वालों ने कई जगह फोन किया, मगर मेरा पता नहीं चला। उन्हें ट्विंकल पर शक हुआ था, क्योंकि करीब 2 साल पहले इन लोगों ने मेरे साथ छेड़खानी की थी। इस पर हम लोगों ने केस किया था, मगर वह घूंस देकर और हमें डरा धमका कर इसको खत्म करने के लिए कहते थे। मगर मेरे पिता ने कहा कि वह केस खत्म नहीं करेंगे बल्कि लड़ेंगे। जब मैं शाम होने पर भी घर नहीं आई तो मेरे पिता थाना पहुंचे और बड़ा बाबू से ट्विंकल को फोन करवाया। अपहरण करके आरोपी ले गया कोलकाता उन्होंने आगे कहा कि जब बड़ा बाबू का फोन आया था, तब मैं बगल में ही बैठी थी और मुझे होश आ चुका था। बातचीत में तब मुझे पता चला कि मैं कोलकाता पहुंच गई हूं। हालांकि, टिंकल ने मेरे साथ कोई छेड़खानी नहीं की थी। पुलिस द्वारा डराने पर ट्विंकल ने 24 घंटे में ही मुझे वापस गांव छोड़ दिया। वहां से मैं अकेले घर गई परिवार वालों ने इस घटना के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाया है। सभी अभियुक्त मुझे बार-बार धमकी दे रहे हैं कि मैं मुकदमा वापस ले लूं नहीं तो अंजाम बुरा होगा। 1 महीने बीत गए हैं लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। मैं बस इंसाफ और कानूनी कार्रवाई चाहती हूं। कार्रवाई के लिए समस्तीपुर के एसपी को लिखा जा रहा पत्र बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि पीड़िता द्वारा बताया गया है कि उसे अपहरण कर कोलकाता ले जाया गया था। हालांकि, कोई भी गलत काम नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग ही मिलकर यह सारी चीज कर रहे हैं। पिछले दिनों पिता से जो बहस हुई थी उसी का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। उनकी शिकायत है कि पुलिस इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और ना ही अभियुक्त को गिरफ्तार कर रही है। वे पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। इस घटना पर कार्रवाई करने के लिए हम समस्तीपुर के एसपी को लेटर लिख रहे हैं। बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जहां पीड़िता का अपहरण करके आरोपी उसे कोलकाता ले गया था। 24 घंटे बाद वह खुद उसे गांव वापस छोड़ा। पीड़िता घर से प्रैक्टिकल कॉपी लाने के लिए साइकिल से निकली थी, जहां रास्ते में ही 4 युवकों ने उसका अपहरण किया था। बेहोशी के हालात में उसे गाड़ी में बैठाया और फिर कार से कोलकाता ले गए। ये मामला समस्तीपुर के पटोरी थाना का है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस उसकी बात नहीं सुन रही है और अपराधी खुले में घूम रहे हैं इसलिए वह महिला आयोग पहुंची है। घर से 200 रुपए लेकर निकाली थी छात्रा पीड़िता ने बताया कि 7 दिसंबर को करीब 1:30 बजे मैं घर से प्रैक्टिकल कॉपी लेने के लिए बाजार निकली थी। मेरी मां ने मुझे 200 रुपए दिए थे। मैंने मां को कहा था कि मैं आधे घंटे में वापस आ जाऊंगी। मगर रास्ते में ट्विंकल, गोलू, मंटू और संतोष ने मुझे रास्ते में घेर लिया और मुझे बेहोश कर मेरा अपहरण किया। जब मेरी आंख खुली तो गाड़ी में सिर्फ ट्विंकल और एक ड्राइवर था, जिसे मैं नहीं पहचानती थी। मैं शोर करने वाली थी लेकिन उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी। 2 साल पहले युवकों ने छात्रा के साथ की थी छेड़खानी दूसरी ओर जब मैं शाम तक घर नहीं आई तो मेरे परिवार वाले चिंता करने लगे। घर से बाजार करीब 10 मिनट की दूरी पर था और मैं 6 घंटे से घर नहीं लौटी थी। मेरे परिवार वालों ने कई जगह फोन किया, मगर मेरा पता नहीं चला। उन्हें ट्विंकल पर शक हुआ था, क्योंकि करीब 2 साल पहले इन लोगों ने मेरे साथ छेड़खानी की थी। इस पर हम लोगों ने केस किया था, मगर वह घूंस देकर और हमें डरा धमका कर इसको खत्म करने के लिए कहते थे। मगर मेरे पिता ने कहा कि वह केस खत्म नहीं करेंगे बल्कि लड़ेंगे। जब मैं शाम होने पर भी घर नहीं आई तो मेरे पिता थाना पहुंचे और बड़ा बाबू से ट्विंकल को फोन करवाया। अपहरण करके आरोपी ले गया कोलकाता उन्होंने आगे कहा कि जब बड़ा बाबू का फोन आया था, तब मैं बगल में ही बैठी थी और मुझे होश आ चुका था। बातचीत में तब मुझे पता चला कि मैं कोलकाता पहुंच गई हूं। हालांकि, टिंकल ने मेरे साथ कोई छेड़खानी नहीं की थी। पुलिस द्वारा डराने पर ट्विंकल ने 24 घंटे में ही मुझे वापस गांव छोड़ दिया। वहां से मैं अकेले घर गई परिवार वालों ने इस घटना के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाया है। सभी अभियुक्त मुझे बार-बार धमकी दे रहे हैं कि मैं मुकदमा वापस ले लूं नहीं तो अंजाम बुरा होगा। 1 महीने बीत गए हैं लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। मैं बस इंसाफ और कानूनी कार्रवाई चाहती हूं। कार्रवाई के लिए समस्तीपुर के एसपी को लिखा जा रहा पत्र बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि पीड़िता द्वारा बताया गया है कि उसे अपहरण कर कोलकाता ले जाया गया था। हालांकि, कोई भी गलत काम नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग ही मिलकर यह सारी चीज कर रहे हैं। पिछले दिनों पिता से जो बहस हुई थी उसी का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। उनकी शिकायत है कि पुलिस इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और ना ही अभियुक्त को गिरफ्तार कर रही है। वे पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। इस घटना पर कार्रवाई करने के लिए हम समस्तीपुर के एसपी को लेटर लिख रहे हैं।


