मिट्टी में सनी बच्ची…प्राइवेट पार्ट से निकल रहा था खून:सहरसा में ढाई साल की मासूम से रेप, ICU में एडमिट; मां की पुकार-भगवान उसे बचा लीजिए

मिट्टी में सनी बच्ची…प्राइवेट पार्ट से निकल रहा था खून:सहरसा में ढाई साल की मासूम से रेप, ICU में एडमिट; मां की पुकार-भगवान उसे बचा लीजिए

‘मैं वहां पहुंची तो मेरी ढाई साल की बच्ची मिट्टी में पड़ी थी। पूरे शरीर पर चोट और नोंचने के निशान थे। कपड़े फटे हुए थे। उसके प्राइवेट पार्ट से लगातार खून बह रहा था। मुझे देखते ही मेरे गले से लिपटकर बस इतना बोली- मां… मां…’ इतना कहते ही बच्ची की मां फफक-फफक कर रो पड़ती हैं। उनके शब्द टूटते जाते हैं, सांसें भारी हो जाती हैं। मां ने आगे कहा, ‘मैं अपनी बेटी के दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पा रही। भगवान उसे जल्दी ठीक कर दे।’ दरअसल, मंगलवार (17 फरवरी) को सहरसा में ढाई साल की बच्ची के साथ बगल के गांव के युवक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। अब वह ICU में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… बेटी को तौलिए में उठाकर ले गया राक्षस बच्ची की मां बताती हैं, ‘दोपहर के 12 बज रहे थे। मैं अपनी 3 बेटियों के साथ अंदर खाना खा रही थी। मेरी सबसे छोटी बेटी बाहर दरवाजे पर खेल रही थी। कुछ समय बाद उसकी आवाज आनी बंद हो गई। हमें लगा खेलते-खेलते वो जमीन पर सो गई होगी। मैं उसे उठाने बाहर पहुंची, लेकिन वो नहीं थी। इसके बाद मुझे लगा वो खेलते-खेलते किसी पड़ोसी के घर चली गई होगी। मैंने पूरे मोहल्ले में खोजा। एक-एक घर, एक-एक आंगन छान मारा, लेकिन बच्ची कहीं नहीं मिली। मेरी सांसें अटक गईं। मैं बिना कुछ सोचे सड़क पर दौड़ रही थी। बस एक ही बात दिमाग में था, बेटी कहां चली गई? ये बात पूरे गांव में फैल गई। हर कोई बच्ची की तलाश में जुट गया। करीब एक घंटे बाद गांव के ही एक युवक ने मुझे सूचना दी कि आपकी बेटी बांसबाड़ी के पास खून से लथपथ रो रही है। ये सुनकर मैं और गांव के सभी लोग दौड़कर वहां पहुंचे।’ मेरी बच्ची के साथ जानवर जैसा व्यवहार किया गया बच्ची की मां रोते हुए कहती हैं, ‘बेटी के प्राइवेट पार्ट से खून रुक ही नहीं रहा था। मैं उसे अपनी साड़ी की आंचल में लपटते हुए गोद में उठाई। उसका बदन बुखार से तप रहा था। वो बस मेरे गले से चिपकी मां-मां चीख रही थी। उस वक्त वहां मौजूद हर कोई बच्ची की हालत देखकर सन्न रह गया। गांववालों की मदद से मैं बच्ची को सहरसा सदर अस्पताल लेकर पहुंची। वहां उसकी हालत देख डॉक्टर ने तुरंत उसे ICU में भर्ती किया।’ डॉक्टर बोले- प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट है मां आगे बताती हैं, ‘डॉक्टर साहब ने हमसे कहा, आपकी बेटी का बहुत खून बह चुका है। प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट है। चेहरे से लेकर शरीर पर सूजन आ गए हैं। उसे बचाने के लिए आपको भागलपुर ले जाना होगा। डॉक्टर ने 6 घंटे की इलाज के बाद बेटी की स्थिति नहीं सुधरने पर उसे रेफर कर दिया। मैं तीन बच्चों को पड़ोसी के पास छोड़कर उसे मंगलवार की रात भागलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। वहां के डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची बेहद नाजुक हालत में है। उसके शरीर पर जोर-जबरदस्ती के कई निशान हैं। अभी भी खून का रिसाव पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।’ ICU के बाहर टूटी मां-बाप की दुनिया अस्पताल में बच्ची की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उसे लगातार ब्लड ट्रांसफ्यूजन और दर्द नियंत्रित करने की दवाएं दी जा रही हैं। ICU के बाहर बैठे उसके माता-पिता बार-बार एक ही बात दोहरा रहे हैं, बस हमारी बच्ची बच जाए… बाकी सब सह लेंगे। मां कहती हैं, उसे अभी यह भी पता नहीं कि उसके साथ क्या हुआ है। वो इतनी छोटी है कि बोल भी नहीं सकती। हम कैसे उसे ये दर्द महसूस करते हुए देखें? भगवान मेरी बच्ची को बचा लीजिए। ‘मेरी बच्ची को दर्द में देखकर मेरी सांसें टूट जाती हैं’ ICU के बाहर बैठी मां बार-बार अपनी बच्ची की ओर देखती हैं। हर बार उसकी आंखों में वही दहशत और दर्द दिखता है। मां रोते हुए बोलती है, ‘मेरी बच्ची अगर ठीक हो जाए तो मैं भगवान का लाख बार शुक्रिया करूंगी। मैं बस यही चाहती हूं कि उसे दर्द से छुटकारा मिले, जो उसके साथ हुआ, वह किसी और बच्ची के साथ कभी न हो।’ पिता पंजाब में करते हैं मजदूरी बच्ची के पिता पंजाब में मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। उनकी चार बेटियां हैं, सबसे छोटी ढाई साल की बच्ची है। फोन पर बात करते हुए बच्ची के पिता बताते हैं, मैं घर में सोया था। तभी अचानक मेरा फोन बजता है। मैंने उठाया तो पत्नी लगातार रो रही थी। कुछ समय बाद उसने बताया ‘छोटी बेटी के साथ रेप की घटना घटी है।’ ये बात सुनते ही मैं हैरान हो गया। मैंने तुरंत ट्रेन पकड़ा और सहरसा के लिए निकल गया। पिता ने आगे बताया, ‘दूसरे गांव के युवक ने इस घटना को अंजाम दिया है। 26 साल का युवक कभी-कभी हमारे घर आया करता था। मैं बाहर रहता था, इस वजह से वो कई बार मेरी पत्नी का बाहर के कामों में मदद कर देता था। बेटियों के साथ अच्छे से खेलता भी था। हम कैसे पहचानते कि वही मेरी बेटी के साथ इस तरह की हरकत करेगा। वो इंसान नहीं हैवान निकलेगा?’ ऐसे दरिंदे को समाज में नहीं मिले जगह- ग्रामीण गांव में घटना के बाद भारी आक्रोश है। लोग कहते हैं, ढाई साल की बच्ची के साथ रेप… यह कोई इंसान कर सकता है क्या? ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई और बच्ची ऐसी दरिंदगी का शिकार न हो। आरोपी बोला- मैं निर्दोष हूं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में उसने खुद को निर्दोष बताया है। हालांकि, गांव में कोई उसका साथ नहीं दे रहा। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से FSL टीम ने साक्ष्य जुटाया है। गवाही और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ‘दोष साबित होने पर किसी को नहीं छोड़ा जाएगा’- DSP सहरसा के साइबर DSP अजीत कुमार कहते हैं, ढाई साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म बेहद गंभीर अपराध है। पुलिस पूरी मजबूती से जांच कर रही है। आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। FSL रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और सभी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। ‘मैं वहां पहुंची तो मेरी ढाई साल की बच्ची मिट्टी में पड़ी थी। पूरे शरीर पर चोट और नोंचने के निशान थे। कपड़े फटे हुए थे। उसके प्राइवेट पार्ट से लगातार खून बह रहा था। मुझे देखते ही मेरे गले से लिपटकर बस इतना बोली- मां… मां…’ इतना कहते ही बच्ची की मां फफक-फफक कर रो पड़ती हैं। उनके शब्द टूटते जाते हैं, सांसें भारी हो जाती हैं। मां ने आगे कहा, ‘मैं अपनी बेटी के दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पा रही। भगवान उसे जल्दी ठीक कर दे।’ दरअसल, मंगलवार (17 फरवरी) को सहरसा में ढाई साल की बच्ची के साथ बगल के गांव के युवक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। अब वह ICU में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… बेटी को तौलिए में उठाकर ले गया राक्षस बच्ची की मां बताती हैं, ‘दोपहर के 12 बज रहे थे। मैं अपनी 3 बेटियों के साथ अंदर खाना खा रही थी। मेरी सबसे छोटी बेटी बाहर दरवाजे पर खेल रही थी। कुछ समय बाद उसकी आवाज आनी बंद हो गई। हमें लगा खेलते-खेलते वो जमीन पर सो गई होगी। मैं उसे उठाने बाहर पहुंची, लेकिन वो नहीं थी। इसके बाद मुझे लगा वो खेलते-खेलते किसी पड़ोसी के घर चली गई होगी। मैंने पूरे मोहल्ले में खोजा। एक-एक घर, एक-एक आंगन छान मारा, लेकिन बच्ची कहीं नहीं मिली। मेरी सांसें अटक गईं। मैं बिना कुछ सोचे सड़क पर दौड़ रही थी। बस एक ही बात दिमाग में था, बेटी कहां चली गई? ये बात पूरे गांव में फैल गई। हर कोई बच्ची की तलाश में जुट गया। करीब एक घंटे बाद गांव के ही एक युवक ने मुझे सूचना दी कि आपकी बेटी बांसबाड़ी के पास खून से लथपथ रो रही है। ये सुनकर मैं और गांव के सभी लोग दौड़कर वहां पहुंचे।’ मेरी बच्ची के साथ जानवर जैसा व्यवहार किया गया बच्ची की मां रोते हुए कहती हैं, ‘बेटी के प्राइवेट पार्ट से खून रुक ही नहीं रहा था। मैं उसे अपनी साड़ी की आंचल में लपटते हुए गोद में उठाई। उसका बदन बुखार से तप रहा था। वो बस मेरे गले से चिपकी मां-मां चीख रही थी। उस वक्त वहां मौजूद हर कोई बच्ची की हालत देखकर सन्न रह गया। गांववालों की मदद से मैं बच्ची को सहरसा सदर अस्पताल लेकर पहुंची। वहां उसकी हालत देख डॉक्टर ने तुरंत उसे ICU में भर्ती किया।’ डॉक्टर बोले- प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट है मां आगे बताती हैं, ‘डॉक्टर साहब ने हमसे कहा, आपकी बेटी का बहुत खून बह चुका है। प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट है। चेहरे से लेकर शरीर पर सूजन आ गए हैं। उसे बचाने के लिए आपको भागलपुर ले जाना होगा। डॉक्टर ने 6 घंटे की इलाज के बाद बेटी की स्थिति नहीं सुधरने पर उसे रेफर कर दिया। मैं तीन बच्चों को पड़ोसी के पास छोड़कर उसे मंगलवार की रात भागलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। वहां के डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची बेहद नाजुक हालत में है। उसके शरीर पर जोर-जबरदस्ती के कई निशान हैं। अभी भी खून का रिसाव पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।’ ICU के बाहर टूटी मां-बाप की दुनिया अस्पताल में बच्ची की स्थिति नाजुक बनी हुई है। उसे लगातार ब्लड ट्रांसफ्यूजन और दर्द नियंत्रित करने की दवाएं दी जा रही हैं। ICU के बाहर बैठे उसके माता-पिता बार-बार एक ही बात दोहरा रहे हैं, बस हमारी बच्ची बच जाए… बाकी सब सह लेंगे। मां कहती हैं, उसे अभी यह भी पता नहीं कि उसके साथ क्या हुआ है। वो इतनी छोटी है कि बोल भी नहीं सकती। हम कैसे उसे ये दर्द महसूस करते हुए देखें? भगवान मेरी बच्ची को बचा लीजिए। ‘मेरी बच्ची को दर्द में देखकर मेरी सांसें टूट जाती हैं’ ICU के बाहर बैठी मां बार-बार अपनी बच्ची की ओर देखती हैं। हर बार उसकी आंखों में वही दहशत और दर्द दिखता है। मां रोते हुए बोलती है, ‘मेरी बच्ची अगर ठीक हो जाए तो मैं भगवान का लाख बार शुक्रिया करूंगी। मैं बस यही चाहती हूं कि उसे दर्द से छुटकारा मिले, जो उसके साथ हुआ, वह किसी और बच्ची के साथ कभी न हो।’ पिता पंजाब में करते हैं मजदूरी बच्ची के पिता पंजाब में मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। उनकी चार बेटियां हैं, सबसे छोटी ढाई साल की बच्ची है। फोन पर बात करते हुए बच्ची के पिता बताते हैं, मैं घर में सोया था। तभी अचानक मेरा फोन बजता है। मैंने उठाया तो पत्नी लगातार रो रही थी। कुछ समय बाद उसने बताया ‘छोटी बेटी के साथ रेप की घटना घटी है।’ ये बात सुनते ही मैं हैरान हो गया। मैंने तुरंत ट्रेन पकड़ा और सहरसा के लिए निकल गया। पिता ने आगे बताया, ‘दूसरे गांव के युवक ने इस घटना को अंजाम दिया है। 26 साल का युवक कभी-कभी हमारे घर आया करता था। मैं बाहर रहता था, इस वजह से वो कई बार मेरी पत्नी का बाहर के कामों में मदद कर देता था। बेटियों के साथ अच्छे से खेलता भी था। हम कैसे पहचानते कि वही मेरी बेटी के साथ इस तरह की हरकत करेगा। वो इंसान नहीं हैवान निकलेगा?’ ऐसे दरिंदे को समाज में नहीं मिले जगह- ग्रामीण गांव में घटना के बाद भारी आक्रोश है। लोग कहते हैं, ढाई साल की बच्ची के साथ रेप… यह कोई इंसान कर सकता है क्या? ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई और बच्ची ऐसी दरिंदगी का शिकार न हो। आरोपी बोला- मैं निर्दोष हूं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में उसने खुद को निर्दोष बताया है। हालांकि, गांव में कोई उसका साथ नहीं दे रहा। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से FSL टीम ने साक्ष्य जुटाया है। गवाही और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ‘दोष साबित होने पर किसी को नहीं छोड़ा जाएगा’- DSP सहरसा के साइबर DSP अजीत कुमार कहते हैं, ढाई साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म बेहद गंभीर अपराध है। पुलिस पूरी मजबूती से जांच कर रही है। आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। FSL रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और सभी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।  

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