गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र स्थित कारीपहाड़ी जंगल में 30 जनवरी को एक अज्ञात महिला का अर्द्धजला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड, फिंगर प्रिंट और तकनीकी टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान डुमरी थाना क्षेत्र से 28 जनवरी 2026 को लापता शाहिना प्रवीण का मामला सामने आया, जिसके बाद परिजनों की मौजूदगी में शव की पहचान कराई गई। पति और सास ने कबूली हत्या अर्द्धजले कपड़ों, शरीर पर पुराने निशानों और घटनास्थल पर मिली चूड़ियों के आधार पर मृतका की पहचान शाहिना प्रवीण (पति– जाबीर अंसारी, निवासी– चिनो, थाना– डुमरी) के रूप में हुई। मृतका के पिता ताहुल अंसारी के आवेदन पर बगोदर थाना में कांड संख्या 20/26 दर्ज कर बीएनएस की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत हत्या कर शव जलाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति जाबीर अंसारी और सास जैबुन निशा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शाहिना की कारीपहाड़ी जंगल में हत्या कर पहचान छिपाने के लिए शव जला दिया। दूसरी शादी की नीयत से रची गई थी साजिश पुलिस पूछताछ में इस जघन्य हत्याकांड में सराफत अंसारी, वकील अंसारी उर्फ रॉकी, गुड्डु अली और दो किशोरों की संलिप्तता भी सामने आई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पति जाबीर अंसारी दूसरी शादी करने की नीयत से पत्नी की हत्या की साजिश रच रहा था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन, मृतका के कपड़े-चूड़ियां, अभियुक्तों के पहने कपड़े, माचिस, बोतल और जुट का बोरा बरामद किया है। पूरे मामले के उद्भेदन में बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में बगोदर थाना प्रभारी विनय यादव, सरिया अंचल पुलिस, तकनीकी शाखा और रिजर्व गार्ड की अहम भूमिका रही। पुलिस आगे की विधिसम्मत कार्रवाई में जुटी है।


