गिरिडीह जिले के हरलाडीह (खुखरा) ओपी क्षेत्र में हुए सामुहिक दुष्कर्म मामले का खुलाया कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 8 युवकों को दबोचा है। इनमें चार नाबालिग हैं। उन्हें बाल सुधार गृह भेजा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से घटना के समय इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन और साक्ष्य के रूप में उनके कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने विस्तृत जानकारी दी। मेले से लौटते वक्त रास्ते में घेरा, रात भर की दरिंदगी पुलिस के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना उस समय हुई जब दोनों आदिवासी नाबालिग बच्चियां पास के एक गांव में आयोजित ‘जतरा मेला’ देखकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे अज्ञात अपराधियों ने उन्हें अकेला पाकर दबोच लिया। आरोपी उन्हें जबरन सुनसान जगह पर ले गए और बारी-बारी से उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद बदहवास स्थिति में बच्चियों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद 26 जनवरी को खुखरा थाना में कांड संख्या 02/26 के तहत बीएनएस की धारा 70(2)/3(5) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। श्वान दस्ते की मदद से सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. बिमल कुमार ने तत्काल डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। साक्ष्य जुटाने के लिए रांची से एफएसएल की टीम और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वाड) को मौके पर बुलाया गया। तकनीकी शाखा ने मोबाइल लोकेशन और टावर डंप के जरिए संदिग्धों की पहचान की। पुलिस की इस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद राजेश मुर्मू (26), रविलाल टुडू (23), संजय टुडू (21) और सोहन टुडू (23) को दबोच लिया। ये सभी आरोपी गिरिडीह के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। स्पीडी ट्रायल चलाकर दी जाएगी सजा गिरफ्तार किए गए चार वयस्कों के अलावा चार अन्य किशोरों को किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अन्य पहलुओं की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है ताकि कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही गई है। गिरिडीह जिले के हरलाडीह (खुखरा) ओपी क्षेत्र में हुए सामुहिक दुष्कर्म मामले का खुलाया कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 8 युवकों को दबोचा है। इनमें चार नाबालिग हैं। उन्हें बाल सुधार गृह भेजा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से घटना के समय इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन और साक्ष्य के रूप में उनके कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने विस्तृत जानकारी दी। मेले से लौटते वक्त रास्ते में घेरा, रात भर की दरिंदगी पुलिस के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना उस समय हुई जब दोनों आदिवासी नाबालिग बच्चियां पास के एक गांव में आयोजित ‘जतरा मेला’ देखकर पैदल अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे अज्ञात अपराधियों ने उन्हें अकेला पाकर दबोच लिया। आरोपी उन्हें जबरन सुनसान जगह पर ले गए और बारी-बारी से उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद बदहवास स्थिति में बच्चियों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद 26 जनवरी को खुखरा थाना में कांड संख्या 02/26 के तहत बीएनएस की धारा 70(2)/3(5) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। श्वान दस्ते की मदद से सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. बिमल कुमार ने तत्काल डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। साक्ष्य जुटाने के लिए रांची से एफएसएल की टीम और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वाड) को मौके पर बुलाया गया। तकनीकी शाखा ने मोबाइल लोकेशन और टावर डंप के जरिए संदिग्धों की पहचान की। पुलिस की इस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद राजेश मुर्मू (26), रविलाल टुडू (23), संजय टुडू (21) और सोहन टुडू (23) को दबोच लिया। ये सभी आरोपी गिरिडीह के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। स्पीडी ट्रायल चलाकर दी जाएगी सजा गिरफ्तार किए गए चार वयस्कों के अलावा चार अन्य किशोरों को किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अन्य पहलुओं की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है ताकि कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही गई है।


