अनूपपुर जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज के लिए एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। बुधवार रात करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल पर लोहे का गार्डर सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, जिसने पुल के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ दिया। इस कार्य से अब ब्रिज निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। गार्डर स्थापित करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर से दो घंटे का ‘लॉकडाउन’ लिया गया था। रेलवे ने शाम 7:38 बजे से रात 9:38 बजे तक का समय निर्धारित किया था, जिसके दौरान रेल यातायात रोक दिया गया। गार्डर सेटिंग के समय रेलवे और तकनीकी विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। तकनीकी कर्मचारियों ने रात लगभग 8 बजे मशीन की सहायता से गार्डर को खींचना शुरू किया, जो धीरे-धीरे सरकता हुआ दूसरी छोर तक पहुंचा। इस प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। रात 10 बजे के आसपास रेलवे यातायात सामान्य हो गया। आठ साल बाद रेलवे ओवरब्रिज का सपना साकार इस महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने के बाद अब सेतु निगम की ओर से दोनों तरफ पिलर और मिट्टी भरने का काम किया जा सकेगा। शहरवासियों ने इस प्रगति पर खुशी व्यक्त की है, क्योंकि यह उनके दशकों पुराने सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उल्लेखनीय है कि इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पिछले आठ साल से चल रहा था, जबकि इसे तीन साल में पूरा होना था। परियोजना में राजनीतिक द्वंद्व और रेलवे और प्रशासनिक उदासीनता के कारण देरी हुई। रेलवे फाटक बंद होने से शहर दो हिस्सों में बंटा अनूपपुर शहर के मध्य से गुजरने वाली रेलवे फाटक के कारण शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ था। फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान फाटक पूरी तरह बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषकर जिला अस्पताल आने वाले मरीजों और न्यायालय पहुंचने वाले पक्षकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, अनूपपुर का मुख्य बाजार भी इस बंद से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।


