धनरूआ प्रखंड के बौरही गांव में शुक्रवार शाम तेज आंधी-तूफान के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। शैलेष सिंह के घर के पास स्थित गाय के शेड पर एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया, जिससे शेड में बंधी तीन गाय और एक भैंस घायल हो गईं। यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई, जब अचानक तेज आंधी चलने लगी। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि नीम का पुराना पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे मवेशियों के शेड पर जा गिरा। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायल मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, सभी जानवरों को चोटें आई हैं। घटना के बाद शैलेष सिंह और उनके परिवार में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्रामीण समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचते, तो मवेशियों की जान भी जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से घायल मवेशियों के इलाज और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण तेज आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। मौसम विभाग भी ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की सलाह देता रहा है। धनरूआ प्रखंड के बौरही गांव में शुक्रवार शाम तेज आंधी-तूफान के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। शैलेष सिंह के घर के पास स्थित गाय के शेड पर एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया, जिससे शेड में बंधी तीन गाय और एक भैंस घायल हो गईं। यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई, जब अचानक तेज आंधी चलने लगी। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि नीम का पुराना पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे मवेशियों के शेड पर जा गिरा। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायल मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, सभी जानवरों को चोटें आई हैं। घटना के बाद शैलेष सिंह और उनके परिवार में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्रामीण समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचते, तो मवेशियों की जान भी जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से घायल मवेशियों के इलाज और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण तेज आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। मौसम विभाग भी ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की सलाह देता रहा है।


