केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के गुवाहाटी में कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 15 साल के शासन के दौरान राज्य के स्वास्थ्य बजट से हर साल 150 करोड़ रुपये का गबन किया। शाह ने करीब 2,092 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल अपने नेताओं के परिवारों की भलाई के लिए काम करती रही, जबकि भाजपा समाज के हर वर्ग को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल गांधी के ‘चाय-पकौड़ा’ विरोध पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने के दौरान प्रदर्शन करना सही है, लेकिन इसके लिए एक मर्यादा होनी चाहिए। शाह ने राहुल गांधी के संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-पकौड़ा खाने और हालिया एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन के तरीके को गलत बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र की पवित्र जगह है और राहुल गांधी को यह तक नहीं पता कि नाश्ता कहां करना चाहिए। शाह के अनुसार, राहुल गांधी के ऐसे कामों से देश की छवि खराब होती है।
इसे भी पढ़ें: मार्च में बढ़ती गर्मी के बीच दिल्ली में अचानक बारिश क्यों हो रही है? IMD Weather Alert
असम में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
अमित शाह ने गुवाहाटी में 675 करोड़ रुपये की लागत से बने ‘प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल’ का उद्घाटन किया। यह शहर का दूसरा बड़ा सरकारी मेडिकल कॉलेज है। इसके अलावा, उन्होंने गोलाघाट और तिनसुकिया में नए कैंसर केंद्रों की शुरुआत की। शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा की तारीफ करते हुए कहा कि आज असम की चिकित्सा सुविधाएं गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों के बराबर पहुंच गई हैं।
इसे भी पढ़ें: CBSE Board Exams Cancelled!! युद्ध की आग में झुलसा बोर्ड एग्जाम! एजुकेशन बोर्ड ने पश्चिम एशिया में रद्द कीं 12वीं की परीक्षाएं!
हजारों करोड़ की नई परियोजनाओं की नींव
दौरे के दौरान गृह मंत्री ने कई नए अस्पतालों का शिलान्यास भी किया। इनमें दीफू (220 करोड़), जोरहाट (310 करोड़) और बारपेटा (284 करोड़) में बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल शामिल हैं। साथ ही, गुवाहाटी में 218 करोड़ की लागत से ‘स्वास्थ्य भवन’ और अभयपुरी में 115 करोड़ का नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा। अमित शाह का पिछले चार महीनों में यह चौथा असम दौरा है, जिसे आगामी चुनावों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


