राजनीति में 75 साल के बाद सन्यास के फॉर्मूले को लेकर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बीच छिड़ी बहस को लेकर राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत और मदन राठौड़ दोनों विद्वान व्यक्ति है, मैं दोनों के बीच नहीं पड़ना चाहता हूं। लेकिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कभी राजनीति में उम्र का फॉर्मूला तय नहीं किया। उन्होने खुद भी कहा है कि ना तो मैं रिटायर हो रहा हूं, ना ही किसी को रिटायर होने के लिए कह रहा हूं। घनश्याम तिवाड़ी ने यह बातें आज जयपुर एयरपोर्ट पर दिल्ली जाते समय कहीं। दरअसल मंगलवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को 75साल की उम्र पार करने के बाद सन्यास आश्रम की ओर प्रस्थान करने का सुझाव दिया था। जिस पर पलटवार करते हुए आज सुबह गहलोत ने कहा कि यह फॉर्मूला आरएएस प्रमुख मोहन भागवत और पीएम मोदी पर लागू होता है, मेरे पर यह लागू नहीं होता है। मैं तो 100 साल तक जनता की सेवा करता रहूंगा। गहलोत-डोटासरा-जूली जलेबी रेस में दौड़ रहे
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जलेबी रेस में दौड़ रहे हैं। तीनों को लगता है कि मैं जलेबी लपक लूं। उन्होने कहा कि आज बयानों की राजनीति हो गई हैं। मैं तो कहना चाहता हूं कि ट्वीट की राजनीति छोड़कर इन्हें धरातल पर काम करना चाहिए। लेकिन आज कांग्रेस का केन्द्रीय नेतृत्व टीकाराम जूली को महत्व देने लगा हैं। इसलिए डोटासरा को अपनी जमीन खिसकते हुए नजर आ रही है, वहीं अशोक गहलोत भी लग रहा है कि उनके मुंगेरी लाल के सपनों में अड़चन आ सकती हैं।


