Inverter Ki Battery Me Pani Kab Dale: जनवरी का आधे से ज्यादा महीना बीत चुका है। कड़ाके की ठंड अब धीरे-धीरे ढलान पर है और अगले कुछ हफ्तों में मौसम करवट लेने लगेगा। जैसे ही फरवरी की गर्माहट शुरू होगी, घरों में पंखे चलने लगेंगे। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि पिछले दो-तीन महीनों से जो इन्वर्टर एक कोने में चुपचाप पड़ा था, क्या वो आने वाली गर्मियों का लोड उठाने के लिए तैयार है?
अक्सर हम सर्दियों में इन्वर्टर की देखरेख करना बिल्कुल छोड़ देते हैं। नतीजा यह होता है कि जैसे ही मार्च-अप्रैल में बिजली कटौती शुरू होती है, इन्वर्टर का बैकअप 30 मिनट भी नहीं चल पाता। अगर आप नहीं चाहते कि गर्मी की शुरुआत अंधेरे और पसीने के साथ हो, तो अभी से अपनी बैटरी का वॉटर लेवल चेक करने की आदत डाल लें।
क्यों जरूरी है अभी से नजर रखना?
सर्दियों में बिजली की कटौती कम होती है, इसलिए इन्वर्टर का इस्तेमाल कम हो जाता है। लोग सोचते हैं कि इस्तेमाल नहीं हो रहा तो बैटरी सुरक्षित है, जबकि असलियत इसके उलट है। बैटरी के अंदर इलेक्ट्रोलाइट (पानी और तेजाब का मिश्रण) का एक संतुलन होता है। भले ही इस्तेमाल कम हो, लेकिन चार्जिंग के दौरान पानी धीरे-धीरे सूखता रहता है। अगर बैटरी के अंदर की प्लेट्स सूख गईं, तो उसकी चार्ज स्टोर करने की क्षमता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है।
खुद ऐसे करें चेक
बैटरी की सेहत जानने के लिए आपको किसी मैकेनिक को पैसे देने की जरूरत नहीं है। बैटरी के ऊपर कुछ छोटे प्लास्टिक के इंडिकेटर (लाल फ्लोट) लगे होते हैं।
- इन पर मिनिमम और मैक्सिमम के निशान बने होते हैं।
- अगर लाल मार्क मिनिमम के पास चला गया है, तो समझ लीजिए कि बैटरी को पानी की सख्त जरूरत है।
- पानी भरते समय ध्यान रखें कि इसे मैक्सिमम मार्क के ऊपर न ले जाएं। ज्यादा पानी भरने से चार्जिंग के समय तेजाब उबलकर बाहर गिर सकता है, जिससे न सिर्फ फर्श खराब होगा बल्कि बैटरी के टर्मिनल्स पर जंग (कार्बन) भी जम जाएगी।
नल का पानी है बैटरी क लिए जहर
ज्यादातर लोग यहीं सबसे बड़ी चूक करते हैं। आलस के चक्कर में हम घर के नल का साधारण पानी बैटरी में डाल देते हैं। ध्यान रखें, नल के पानी में मौजूद मिनरल्स बैटरी की प्लेट्स को अंदर से गला देते हैं। यह बैटरी की लाइफ को आधा कर देता है। हमेशा बाजार से मिलने वाले डिस्टिल्ड वॉटर (Distilled Water) का ही इस्तेमाल करें। 20-40 रुपये का ये पानी आपकी 15-20 हजार की बैटरी को सालों-साल बचा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
चूंकि बैटरी के अंदर तेजाब होता है, इसलिए पानी टॉप-अप करते समय सावधानी बरतें।
- काम शुरू करने से पहले हाथों में रबर के ग्लव्स पहनें और आंखों का बचाव करें।
- अगर पानी भरते समय बैटरी से बहुत तेज गंध आ रही हो या वो हाथ लगाने पर जरूरत से ज्यादा गर्म लग रही हो, तो खुद एक्सपर्ट न बनें और तुरंत किसी टेक्नीशियन को दिखाएं।
जरूरी बात
अगर आपके इलाके में बिजली ज्यादा जाती है, तो हर महीने पानी चेक करें। अगर कट कम है, तो हर 2-3 महीने में एक बार चेक करना काफी है। जनवरी-फरवरी का समय इस काम को निपटाने के लिए सबसे सही है ताकि आप बेफिक्र होकर गर्मियों का स्वागत कर सकें।


