सीवान के मुफ्फसील थाना क्षेत्र के बरहनी पेट्रोल पंप के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। गश्ती पर निकली मुफ्फसील थाना की पुलिस ने युवक को सड़क किनारे घायल अवस्था में देखा और तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान दरभंगा जिले के बहेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीपुर बैगनी निवासी रविन्द्र मलिक के पुत्र अमित कुमार मलिक के रूप में हुई है। अमित सीवान में जिओ टेलीकॉम कंपनी के पार्टनर एनआईपीएल में इंफ्रा इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। गोपालगंज से काम निपटा कर लौट रहे थे सीवान सहयोगियों ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह काम पर निकले थे और गोपालगंज के बरौली में कार्य समाप्त कर वापस सीवान लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने उनके मोबाइल से सहयोगियों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे सदर अस्पताल पहुंचे। प्रारंभिक स्थिति से आशंका जताई जा रही है कि किसी तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी। वहीं सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई। आरोप है कि मृत घोषित किए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने के लिए अधीक्षक की अनुमति आवश्यक बताई गई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों, पुलिस और परिजनों द्वारा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह को कई बार फोन किए जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं किया गया। बाद में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद से संपर्क किया गया, जिनके निर्देश पर ऑन-ड्यूटी चिकित्सक ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। स्ट्रेचर की उपलब्धता में भी देरी परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में शिकायत के लिए अधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक का मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित है, लेकिन आपात स्थिति में संपर्क न हो पाना गंभीर प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घायल को लाने के बाद स्ट्रेचर की उपलब्धता में देरी हुई। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला सीवान है और वे यहां से विधायक भी हैं। व्यवस्था में सुधार करने की मांग ऐसे में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब मुख्यालय अस्पताल की व्यवस्था पर ही सवाल उठ रहे हैं तो अन्य स्थानों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। मुफ्फसील थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गश्ती दल ने युवक को सड़क किनारे गिरा पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और मामले की जांच में जुटी है। सीवान के मुफ्फसील थाना क्षेत्र के बरहनी पेट्रोल पंप के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। गश्ती पर निकली मुफ्फसील थाना की पुलिस ने युवक को सड़क किनारे घायल अवस्था में देखा और तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान दरभंगा जिले के बहेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीपुर बैगनी निवासी रविन्द्र मलिक के पुत्र अमित कुमार मलिक के रूप में हुई है। अमित सीवान में जिओ टेलीकॉम कंपनी के पार्टनर एनआईपीएल में इंफ्रा इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। गोपालगंज से काम निपटा कर लौट रहे थे सीवान सहयोगियों ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह काम पर निकले थे और गोपालगंज के बरौली में कार्य समाप्त कर वापस सीवान लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने उनके मोबाइल से सहयोगियों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे सदर अस्पताल पहुंचे। प्रारंभिक स्थिति से आशंका जताई जा रही है कि किसी तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी। वहीं सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई। आरोप है कि मृत घोषित किए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने के लिए अधीक्षक की अनुमति आवश्यक बताई गई। इस दौरान अस्पताल कर्मियों, पुलिस और परिजनों द्वारा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह को कई बार फोन किए जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं किया गया। बाद में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद से संपर्क किया गया, जिनके निर्देश पर ऑन-ड्यूटी चिकित्सक ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। स्ट्रेचर की उपलब्धता में भी देरी परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में शिकायत के लिए अधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक का मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित है, लेकिन आपात स्थिति में संपर्क न हो पाना गंभीर प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घायल को लाने के बाद स्ट्रेचर की उपलब्धता में देरी हुई। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला सीवान है और वे यहां से विधायक भी हैं। व्यवस्था में सुधार करने की मांग ऐसे में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब मुख्यालय अस्पताल की व्यवस्था पर ही सवाल उठ रहे हैं तो अन्य स्थानों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। मुफ्फसील थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गश्ती दल ने युवक को सड़क किनारे गिरा पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और मामले की जांच में जुटी है।


