होली के बाद लौट रहे परदेसियों से ट्रेनों में भारी भीड़, सीट को लेकर यात्रियों में नोकझोंक, कई ट्रेनों में आरपीएफ स्कॉट नहीं होली के बाद काम पर लौटने वाले परदेसियों की भीड़ के कारण रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी दबाव देखा जा रहा है। सीट पर बैठने को लेकर कोच के अंदर मारामारी जैसी स्थिति बन रही है। रविवार को पटना जंक्शन और दानापुर से गुजरने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नजर आई। राजगीर–वाराणसी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, भागलपुर इंटरसिटी, मगध एक्सप्रेस और पूर्वा एक्सप्रेस में आरपीएफ स्कॉट नहीं दिखा। कई ट्रेनों में जनरल कोच के यात्री स्लीपर कोच में घुसकर सीटों पर बैठ गए, जिससे रिजर्वेशन वाले यात्रियों को सीट नहीं मिल सकी। इस वजह से यात्रियों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई कोचों में चढ़ना-उतरना भी मुश्किल हो गया। रात करीब 1 बजे जब राजगीर–वाराणसी एक्सप्रेस पटना जंक्शन पर रुकी तो ट्रेन में चढ़ने के लिए गेट के पास भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति ऐसी हो गई कि कई रिजर्वेशन वाले यात्री प्लेटफॉर्म पर ही रह गए, जबकि बिना टिकट वाले यात्री ट्रेन में चढ़ गए। स्लीपर कोच में सीट से अधिक यात्री घुस गए। तेजस, संपूर्ण क्रांति और वंदे भारत में ही दिखते हैं जवान तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में ही आरपीएफ, जीआरपी और जंक्शन प्रबंधन के अधिकारी सक्रिय नजर आते हैं। इसके अलावा अन्य ट्रेनों के रुकने के दौरान जवान कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। यात्रियों का कहना है कि अधिकतर समय केवल प्लेटफॉर्म नंबर एक और दस पर ही जवानों की आवाजाही दिखती है। 50 ट्रेनों में दी जा रही स्कॉट की सुविधा दानापुर रेल मंडल के वरीय कमांडेंट उदय सिंह पवार ने बताया कि मंडल में करीब 50 ट्रेनों में स्कॉट की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा अगर किसी ट्रेन में अपराध से संबंधित सूचना मिलती है तो उसमें अतिरिक्त स्कॉट जवान भी तैनात किए जाते हैं। होली के बाद लौट रहे परदेसियों से ट्रेनों में भारी भीड़, सीट को लेकर यात्रियों में नोकझोंक, कई ट्रेनों में आरपीएफ स्कॉट नहीं होली के बाद काम पर लौटने वाले परदेसियों की भीड़ के कारण रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी दबाव देखा जा रहा है। सीट पर बैठने को लेकर कोच के अंदर मारामारी जैसी स्थिति बन रही है। रविवार को पटना जंक्शन और दानापुर से गुजरने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नजर आई। राजगीर–वाराणसी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, भागलपुर इंटरसिटी, मगध एक्सप्रेस और पूर्वा एक्सप्रेस में आरपीएफ स्कॉट नहीं दिखा। कई ट्रेनों में जनरल कोच के यात्री स्लीपर कोच में घुसकर सीटों पर बैठ गए, जिससे रिजर्वेशन वाले यात्रियों को सीट नहीं मिल सकी। इस वजह से यात्रियों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई कोचों में चढ़ना-उतरना भी मुश्किल हो गया। रात करीब 1 बजे जब राजगीर–वाराणसी एक्सप्रेस पटना जंक्शन पर रुकी तो ट्रेन में चढ़ने के लिए गेट के पास भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति ऐसी हो गई कि कई रिजर्वेशन वाले यात्री प्लेटफॉर्म पर ही रह गए, जबकि बिना टिकट वाले यात्री ट्रेन में चढ़ गए। स्लीपर कोच में सीट से अधिक यात्री घुस गए। तेजस, संपूर्ण क्रांति और वंदे भारत में ही दिखते हैं जवान तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में ही आरपीएफ, जीआरपी और जंक्शन प्रबंधन के अधिकारी सक्रिय नजर आते हैं। इसके अलावा अन्य ट्रेनों के रुकने के दौरान जवान कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। यात्रियों का कहना है कि अधिकतर समय केवल प्लेटफॉर्म नंबर एक और दस पर ही जवानों की आवाजाही दिखती है। 50 ट्रेनों में दी जा रही स्कॉट की सुविधा दानापुर रेल मंडल के वरीय कमांडेंट उदय सिंह पवार ने बताया कि मंडल में करीब 50 ट्रेनों में स्कॉट की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा अगर किसी ट्रेन में अपराध से संबंधित सूचना मिलती है तो उसमें अतिरिक्त स्कॉट जवान भी तैनात किए जाते हैं।


